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फ्लैश बैक : मीसा में जेल गये कमलाकांत बने थे कर्पूरी के मंत्री, इमरजेंसी के बाद पोड़ैयाहाट सीट से चुनाव जीत कर बने थे विधायक

Updated at : 27 Nov 2019 7:38 AM (IST)
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फ्लैश बैक : मीसा में जेल गये कमलाकांत बने थे कर्पूरी के मंत्री, इमरजेंसी के बाद पोड़ैयाहाट सीट से चुनाव जीत कर बने थे विधायक

आनंद जायसवाल दुमका : कमलाकांत सिन्हा उर्फ लालू पर 1975 में दुमका की रेल पटरियों को उखाड़ने का आरोप लगा. तब तक दुमका में रेल पटरियां बिछी भी नहीं थी. पर, रेल पटरियां उखाड़ने के आरोप में कमलाकांत को जेल काटनी पड़ी थी. उस वक्त दुमका के टीन बाजार में रहनेवाले कमलाकांत अभी गिलानपाड़ा में […]

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आनंद जायसवाल
दुमका : कमलाकांत सिन्हा उर्फ लालू पर 1975 में दुमका की रेल पटरियों को उखाड़ने का आरोप लगा. तब तक दुमका में रेल पटरियां बिछी भी नहीं थी. पर, रेल पटरियां उखाड़ने के आरोप में कमलाकांत को जेल काटनी पड़ी थी.
उस वक्त दुमका के टीन बाजार में रहनेवाले कमलाकांत अभी गिलानपाड़ा में रहते हैं. वामपंथ से प्रभावित होकर कॉलेज की पढ़ाई आधी छोड़ राजनीति में कूद पड़े. अजय चंद चौधरी, भोलानाथ उपाध्याय और प्रशांत मुखर्जी जैसे लोगों से उनका संपर्क हुआ.
वह भाकपा की सांस्कृतिक टोली आइपीटीए से जुड़े. बाद में सोशलिस्ट विचारधारा से प्रभावित होकर छात्र युवा संघर्ष समिति के माध्यम से जेपी आंदोलन में शामिल हुए. आपातकाल से पहले जेल भेजे गये. पहली बार 10 दिन के लिए और दूसरी बार एक सप्ताह के लिए. मीसा लगने पर कमलाकांत को वे दुमका में रेल लाइन उखाड़ने का आरोपी बना दिया गया.
हजारीबाग जेल में उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी, सच्चिदानंद सिंह, रामजीवन सिंह, कर्पूरी ठाकुर, इंदर सिंह नामधारी, कैलाशपति मिश्र जैसे लोगों का साथ मिला. कर्पूरी ठाकुर से उनकी बेहद घनिष्ठता थी. कमलाकांत और कर्पूरी ठाकुर एक साथ जेल से छूटे. उसके बाद इमरजेंसी लगी. अंडर ग्राउंड रहे. जनता पार्टी बनी तो सामान्य हो चुके पोड़ैयाहाट सीट से पार्टी ने उन्हें चुनाव लड़ाया. वह 7,000 रुपये इकट्ठा कर चुनाव लड़े और जीते. कर्पूरी ठाकुर की सरकार में वन मंत्री और संसदीय सचिव बने. दो साल बाद कर्पूरी सरकार गिरने पर फिर चुनाव हुआ. परंतु, कमलाकांत जीत नहीं सके. उसके बाद उन्होंने कभी चुनाव नहीं लड़ा.
वह कहते हैं कि सिद्धांत और नैतिक मूल्यों से पूरे जीवन समझौता नहीं किया. आज भी नहीं करूंगा. कमलाकांत की कला साहित्य से गहरी अभिरुचि थी. वह आज भी खूब लिखते-पढ़ते हैं. गीत-गजल लिखते हैं. उनके लिखे भजन जय रघुनंदन जय सियाराम…, बोलो राम जय राम…जन्म सफल होगा रे बंदे, मन में राम बसाले…को मशहूर गजल गायक जगजीत सिंह ने भी गाया है. जल्द ही अपनी रचनाओं को पुस्तक का रूप देनेवाले हैं.
सभाओं में चले बयानों के तीर
पलामू, गुमला व लोहरदगा की चुनावी सभा में जुटे नेता
पहले चरण के चुनाव प्रचार को लेकर सभी दल के लोगों में तेजी आ गयी है. राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं की धुआंधार सभा आयोजित की जा रही है. इसके साथ ही स्थानीय प्रत्याशी कार्यकर्ताओं के साथ डोर-टू-डोर जनसंपर्क अभियान में जुट गये हैं. सभी 13 विधानसभा क्षेत्र में मंगलवार को जनसभा की धूम रही, जिसे प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित सभी दलों के दिग्गजों ने संबोधित किया.
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