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Dhanbad News: कलश स्थापना के साथ हुई मां शैलपुत्री की आराधना

Updated at : 31 Mar 2025 12:33 AM (IST)
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Dhanbad News: कलश स्थापना के साथ हुई मां शैलपुत्री की आराधना

शक्ति मंदिर में हुआ मां का अलौकिक श्रृंगार. या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता... मंत्रोच्चार से गूंज उठे पूजा स्थल.

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धनबाद.

रविवार से वासंतिक नवरात्र शुरू हो गया है. कोयलांचल के मंदिरों व घरों में कलश स्थापन कर मां के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री का आवाहन किया गया. शक्ति मंदिर में मां का अलौकिक शृंगार किया गया. घरों-मंदिरों में कलश स्थापना के साथ मां शैलपुत्री का आवाहन किया गया. शुभ मुहूर्त में भक्तों ने कलश स्थापित कर मां के चरणों में भक्ति समर्पित की. इस दौरान या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता… मंत्रोच्चार से पूजा स्थल गूंज उठे. सोमवार को देवी के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी की पूजा की जायेगी.

फूलों से सजा है माता रानी का दरबार

शक्ति मंदिर में पुजारी मुकेश पांडे व राधेश्याम पांडे के आचार्यत्व में यजमान अशोक अरोड़ा व उनकी धर्मपत्नी पूजा अरोड़ा ने कलश की स्थापना की. यहां माता को लाल साड़ी व चुनरी पहनायी गयी. लाल रंग के फूलों से उनका अलौकिक शृंगार किया. इस अवसर पर मंदिर में आकर्षक सजावट की गयी है. नवरात्र को लेकर मंदिर के पट मंगला आरती के साथ खोल दिये जा रहे है. नवरात्र का प्रथम दिन होने के कारण आज यहां भक्तों की भीड़ उमड़ी.

अन्य मंदिरों में हुई पूजा अर्चना

कोयलांचल के राम मंदिर, खड़ेश्वरी मंदिर, दुर्गा मंदिर कोयला नगर समेत अन्य मंदिरों में भी कलश स्थापित किया गया है. राम मंदिर जोड़ाफाटक में आचार्य दिनेश शर्मा ने कलश स्थापित कर मां का आवाहन किया. खड़ेश्वरी मंदिर में मनोज पांडेय ने कलश स्थापना की. भुईफोड़ मंदिर में चैत्र नवरात्र पर मां की आराधना की जा रही है. यहां सप्तमी, अष्टमी व नवमी पर विशष पूजा की जायेगी. नवमी के दिन मां का महाभोग वितरित किया जायेगा.

विकास नगर में स्थापित की जायेगी प्रतिमा

विकास नगर ओल्ड डॉक्टर्स कॉलोनी दुर्गा पूजा समिति विकास नगर के बैनर तले चैत्र नवरात्र के आयाेजन का यह सातवां साल है. यहां मंदिर प्रांगण में ही माता की प्रतिमा बनायी जाती है. षष्ठी को विधि-विधान से प्रतिमा स्थापित की जायेगी. सप्तमी से महानवमी तक मां की विशेष पूजा की जाती है. शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते हैं. महानवमी को हवन पूर्णाहुति के साथ भोग वितरित किया जायेगा. विजया दशमी के दिन सिंदूर खेला कर मां को विदाई दी जाती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ASHOK KUMAR

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