Dhanbad News: धनबाद को मिल रही सिर्फ 12 घंटे बिजली, भीषण गर्मी में मचा हाहाकार

शहर में हर घंटे की जा रही है बिजली की कटाैती. घरों में इनवर्टर हुए फेल, पांच से सात गुणा बढ़ी डीजल की खपत.
भीषण गर्मी के कारण शहर में इन दिनों लोग गंभीर बिजली संकट झेल रहे हैं. आम लोगों के साथ गृहिणियां व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से जुड़े लोग भी बिजली कटौती से परेशान हैं. सुबह होते ही बिजली कटौती शुरू हो जा रही है और देर रात तक यही सिलसिला जारी रहता है. झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) के अधिकारियों के अनुसार तेनुघाट स्थित एनटीपीसी से रविवार रात से ही रिस्ट्रिक्ट पावर सप्लाई की जा रही है. ऐसे में आधी से भी कम बिजली मिल रही है. दूसरी ओर भीषण गर्मी में बिजली की मांग व आपूर्ति के बीच अंतर 100 मेगावाट के पार पहुंच गया है. ऐसे में शहर में बिजली संकट गहरा गया है. आधे घंटे पावर मिलने के बाद ओवरलोड की समस्या उत्पन्न होने लगी है.
क्या है बिजली कटौती की मुख्य वजह
तेनुघाट स्थित एनटीपीसी से गोविंदपुर के कांड्रा ग्रिड होते हुए धनबाद को 60 मेगावाट बिजली मिलती है. लेकिन वर्तमान में सिर्फ 15 से 20 मेगावाट ही बिजली मिल रही है. यह स्थिति पिछले दो दिन से है. एनटीपीसी ने उनके पावर यूनिट में जनरेशन में आयी गिरावट को इसकी वजह बतायी है. ऐसे में आधे से भी कम बिजली मिलने से शहर में गंभीर बिजली संकट की स्थिति उत्पन्न हो गयी है.मांग 300 मेगावाट, मिल रही 230 मेगावाट बिजली
जेबीवीएनएल एरिया बोर्ड अंतर्गत धनबाद वर चास सर्किल में डीवीसी की बिजली सप्लाई होती है. धनबाद सर्किल में डीवीसी की ओर से सप्लाई के लिए 110 से 130 मेगावाट बिजली दी जाती है. वहीं चास सर्किल में सप्लाई के लिए 80-100 मेगावाट बिजली डीवीसी देती है. वहीं तेनुघाट स्थित एनटीपीसी से कांड्रा ग्रिड होते हुए धनबाद को 50 से 60 मेगावाट बिजली मिलती है. वर्तमान में बिजली की मांग 300 मेगावाट के पार पहुंच चुकी है, जबकि आपूर्ति घट गयी है.ग्रामीण इलाकों में आपूर्ति के लिए सिर्फ आठ मेगावाट बिजली
गाेविंदपुर डिवीजन से जुड़े इलाकों में 15 से 17 घंटे बिजली कटौती हो रही है. यह स्थिति पिछले कुछ दिनों से जारी है. जेबीवीएनएल के अधिकारियों के अनुसार गोविंदपुर डिवीजन का इलाका कांड्रा ग्रिड से जुड़ा हुआ है. इससे गोविंदपुर के अलावा, बरवाअड्डा और टुंडी के इलाकों में बिजली सप्लाई की जाती है. वर्तमान में कांड्रा ग्रिड से सप्लाई के लिए सिर्फ आठ मेगावाट बिजली ही मिल रही है, जबकि 40 मेगावाट बिजली की जरूरत है.घरों का इनवर्टर हुआ फेल, सात गुणा बढ़ी डीजल की खपत
12 घंटे बिजली कटौती से शहर का हर तबका परेशान है. घंटों बिजली कटौती से गृहिणियों के कामकाज के साथ बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. वहीं आवासीय व व्यवसायिक क्षेत्रों में डीजल की खपत भी औसतन छह से सात गुना तक बढ़ गयी है. हीरापुर स्थित अभया अपार्टमेंट, जिसमें कुल 30 फ्लैट हैं, यहां सामान्य दिन में लगभग 500 से 700 रुपये के डीजल की खपत होती थी. वर्तमान में लगभग छह से आठ घंटे जेनरेटर चलने के कारण लगभग चार से पांच हजार रुपये तक डीजल की खपत पहुंच गयी है.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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