धनबाद में रहस्यमयी आग से दहशत, अंशुमान का परिवार घर छोड़ने को मजबूर

घर के बाहर रखे सामान. फोटो : प्रभात खबर
Mystery Fire in Dhanbad: धनबाद के एक मकान में लगातार 5 दिन से लग रही रहस्यमयी आग से परेशान परिवार घर छोड़ने के लिए मजबूर हो गया. ये लोग रिश्तेदार के यहां रहने चले गये हैं. घर के सामान को ससुराल भेज दिया है.
Mystery Fire in Dhanbad: धनबाद के हीरापुर के मास्टरपाड़ा स्थित एक घर के अलग-अलग हिस्से में पिछले 5 दिनों से आगजनी की घटनाओं से परेशान मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव अंशुमान चौधरी ने परिवार समेत सोमवार को अपना घर छोड़ दिया. एक रिश्तेदार के यहां शिफ्ट हो गये. घर का सारा सामान पैक करके ससुराल भेज दिया. ससुराल पश्चिम बंगाल के पानागढ़ में है. हालांकि, सोमवार सुबह भी आग लगने की घटना हुई. इधर, प्रभावित परिवार की शिकायत पर उपायुक्त माधवी मिश्रा के निर्देश के बाद अग्निशमन विभाग ने मामले की जांच की. अग्निशमन अधिकारी लक्ष्मण प्रसाद ने बताया कि घर के लोगों ने डीसी से शिकायत की थी. रविवार की रात जांच की गयी, लेकिन कोई कारण नजर नहीं आया. अगल-बगल किसी प्रकार का शॉर्ट सर्किट नहीं था. न ही ज्वलनशील गैस महसूस की गयी. अग्निशमन अधिकारी ने जांच के लिए आपदा प्रबंधन विभाग को पत्र लिखा है.
25 साल से इस घर में रह रहा है परिवार
एमआर अंशुमान चौधरी ने बताया कि उनके पिता दिलीप चौधरी डीजीएमएस और मां कृष्णा चौधरी आंगनबाड़ी से रिटायर्ड हैं. घर में उनकी पत्नी सुष्मिता चौधरी और बेटी श्रेया चौधरी के अलावा अन्य सभी रहते हैं. वे लोग पिछले 25 साल से इस घर में रह रहे हैं. इसके पहले कबी कोई परेशानी नहीं हुई. बीते 5 दिन से लगातार लग रही आग से पूरा परिवार परेशान है. अंशुमान चौधरी ने कहा कि घर की जांच होने के बाद ही वे लोग फिर घर में रहना शुरू करेंगे.
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रहस्यमयी आग के बारे में जिसने सुना, देखने पहुंच गया
इस रहस्यमयी आग के बारे में जिसने सुना, वही अंशुमान चौधरी के घर पहुंच गया. अंशुमान चौधरी ने बताया कि दोमंजिले मकान में सबसे पहले 27 फरवरी को आग लगी थी. इसके बाद हर दिन कहीं न कहीं आग लग रही है. हालांकि, यह पता नहीं चल पा रहा है कि आग कैसे लग रही है. अंशुमान की मां कृष्णा चौधरी ने बताया कि 27 फरवरी को इन्वर्टर की बैटरी फटने से आग लग गयी थी. उन लोगों ने इसे मामूली घटना समझा. उसके बाद घर के सूटकेस में आग लग गयी. 28 फरवरी को घर बंद करके वे लोग बाहर गए थे. लौटे तो मैट्रेस जल रहा था. कमरा धुआं से भर गया था. पूरा कमरा काला पड़ गया था. इसके बाद कभी कपड़े, कभी कैलेंडर, तो कभी अन्य सामान में आग लग जा रही है. अंशुमान के छोटे भाई अंजान चौधरी ने कहा कि उन लोगों ने जांच के लिए उपायुक्त को आवेदन दिया था. ज्वलनशील गैस का अंदेशा होने पर सेप्टिक टैंक की भी सफाई करवायी, लेकिन आग लगने का सिलसिला नहीं रुका.
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By Mithilesh Jha
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