कोल इंडिया कर्मचारी की मौत के 3 महीने के भीतर परिजनों को देनी होगी सूचना, 3 साल के भीतर आवेदन जरूरी

कोल इंडिया की फाइल फोटो.
कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के लाखों कर्मचारियों के लिए खुशखबरी आई है. जेबीसीसीआई-11 की बैठक में तकनीकी प्रमाणपत्र पर ₹1 लाख प्रोत्साहन राशि, सरल अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया और सुरक्षा कर्मियों की भर्ती के नए मानकों पर सहमति बनी है.
Coal India: कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और उसकी अनुषंगी कंपनियों में कार्यरत लाखों कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है. जेबीसीसीआई-11 (ज्वाइंट बाइपारटाइट कमेटी फॉर कोल इंडस्ट्री) की मानकीकरण समिति की सातवीं बैठक के मिनट्स जारी कर दिए गए हैं. बैठक में कर्मचारियों के हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर सहमति बनी, जबकि लंबित मांगों पर समयबद्ध निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया.
तकनीकी प्रमाणपत्र हासिल करने पर मिलेगा एक लाख
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय तकनीकी दक्षता बढ़ाने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन देने से जुड़ा रहा. तय किया गया कि सेवा के दौरान इलेक्ट्रिकल सुपरवाइजर, माइनिंग सरदार अथवा सर्वेयर का वैधानिक प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को एकमुश्त एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. इसके अलावा जिन कर्मचारियों के पास पहले से ऐसे प्रमाणपत्र मौजूद हैं, लेकिन उन्होंने अब तक कंपनी में जमा नहीं किए हैं, उन्हें भी निर्धारित अवधि के भीतर प्रमाणपत्र जमा करने पर इस योजना का लाभ मिलेगा.
अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया होगी अधिक सरल
बैठक में अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित नियमों को भी स्पष्ट किया गया. नए प्रावधान के अनुसार, किसी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने पर उसके आश्रितों को तीन माह के भीतर कंपनी को इसकी सूचना देनी होगी. इसके साथ ही अनुकंपा नियोजन और अन्य लाभों के लिए आवेदन तीन वर्ष के भीतर करना अनिवार्य होगा. आवेदन की जांच के दौरान यदि कोई कमी पाई जाती है, तो उसकी पूरी जानकारी एक साथ आवेदक को उपलब्ध कराई जाएगी. इससे आश्रितों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी.
सुरक्षा कर्मियों की भर्ती के लिए नए मानक मंजूर
बैठक में सुरक्षा कर्मियों की भर्ती को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. पुरुष एवं महिला अभ्यर्थियों के लिए नए शारीरिक मानकों को मंजूरी दे दी गई है. इससे भर्ती प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी.
कई अन्य मुद्दों पर चर्चा जारी रखने का फैसला
मानकीकरण समिति की बैठक में पदोन्नति नीति, क्लर्क संवर्ग की पात्रता अवधि, नई श्रम संहिताओं के क्रियान्वयन, ठेका श्रमिकों को बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने, सीएमपीएफ कवरेज के विस्तार तथा जेबीसीसीआई-12 के गठन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई. हालांकि इन मुद्दों पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका, लेकिन संबंधित मामलों पर आगे भी चर्चा जारी रखने और जल्द समाधान निकालने पर सहमति बनी.
कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ
जेबीसीसीआई-11 की बैठक में लिए गए निर्णयों को कोयला उद्योग के कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. विशेष रूप से तकनीकी योग्यता प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को आर्थिक प्रोत्साहन, अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और चिकित्सा एवं सेवा संबंधी सुविधाओं के विस्तार से लाखों कर्मियों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है.
क्या है खास
बैठक में वेतन समझौते से अधिक कर्मचारियों के सेवा नियम, चिकित्सा सुविधा, सामाजिक सुरक्षा और कैडर सुधार से जुड़े विषयों पर फोकस रहा. कई पुराने विवादित मामलों को तय समय सीमा के भीतर निपटाने का फैसला लिया गया. ऐसे में आने वाले समय में कोल इंडिया के कर्मचारियों के लिए कई नयी व्यवस्थाएं लागू हो सकती हैं.
- 20 हजार तक बढ़ाया गया सेवानिवृत्ति भत्ता: बैठक में बताया गया कि गैर-कार्यपालक कर्मचारियों के लिए सेटलिंग-इन भत्ता पहले ही 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये किया जा चुका है. वहीं टाटा मेमोरियल अस्पताल, मुंबई में कैंसर के इलाज का पूरा खर्च प्रतिपूर्ति करने की व्यवस्था लागू की गयी है. मेडिकल अटेंडेंस नियमों में अन्य संशोधनों पर भी जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया.
- 501 आरओ और 329 बायो टॉयलेट लगाये: महिला कर्मचारियों के लिए अलग शौचालय, सभी खदानों में आरओ प्लांट और बायो टॉयलेट की व्यवस्था की समीक्षा भी बैठक में हुई. प्रबंधन ने बताया कि कोल इंडिया की विभिन्न कंपनियों में 501 आरओ प्लांट और 329 बायो टॉयलेट लगाये जा चुके हैं. इनके नियमित रखरखाव पर भी जोर दिया गया.
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बैठक के पांच बड़े फैसले
- तकनीकी वैधानिक प्रमाणपत्र लेने वाले कर्मचारियों को एक लाख रुपये मिलेगी प्रोत्साहन राशि
- अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन की अधिकतम समय सीमा तीन वर्ष.
- टाटा मेमोरियल अस्पताल में कैंसर के इलाज का पूरा खर्च मिलेगा.
- सेटलिंग-इन भत्ता 20 हजार रुपये लागू.
- आरओ प्लांट, बायो टॉयलेट और महिला सुविधाओं के विस्तार पर जोर.
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लेखक के बारे में
By कुमार विश्वत सेन
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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