Dhanbad News: उद्योगपति गौतम अडानी आज आयेंगे धनबाद, सेंटर आफ एक्सीलेंस का करेंगे उद्घाटन
Published by : ASHOK KUMAR Updated At : 09 Dec 2025 1:49 AM
आइआइटी आइएसएम मंगलवार को अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर ऐतिहासिक उत्सव मनाने जा रहा है.
आइआइटी आइएसएम मंगलवार को अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर ऐतिहासिक उत्सव मनाने जा रहा है. यह दिन अत्यंत विशेष होगा, क्योंकि यह समारोह एक सदी की शैक्षणिक उत्कृष्टता, वैज्ञानिक योगदान और राष्ट्रीय सेवा के अद्वितीय सफर को सलाम करेगा. इस अवसर पर अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे.
पेनमैन सभागार में होगा मुख कार्यक्रम
मुख्य कार्यक्रम पेनमैन सभागार में आयोजित किया जायेगा. इस दौरान संस्थान में इनोवेशन व 100 साल के सफर पर आधारित एक शॉर्ट फिल्म दिखायी जायेगी. शुरुआत निदेशक प्रो सुकुमार मिश्रा और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन प्रो प्रेमव्रत के संबोधन से होगी. इसके बाद श्री अडानी का संबोधन होगा. मौके पर अकादमिक और संस्थागत सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देनेवालों को सम्मानित किया जायेगा. गौतम अडानी आइटूएच बिल्डिंग में अडानी ग्रुप द्वारा स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन करेंगे.
चाक-चौबंद है सुरक्षा व्यवस्था
श्री अडानी के आगमन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है. वह अपने चार्टर्ड प्लेन से दुर्गापुर आयेंगे. वहां से चॉपर से धनबाद आयेंगे. वह लगभग तीन घंटे तक आइआइटी आइएसएम में रहेंगे. इधर, नगर निगम व ट्रैफिक पुलिस ने सोमवार को ज्वाइंट स्पेशल ड्राइव चलाया. सिंफर गेट से सिटी सेंटर और सिटी सेंटर से पुलिस लाइन तक सड़क के दोनों किनारे से अतिक्रमण हटाये गये. अवैध निर्माण तोड़ डाले गये और कुछ लौह सामग्री जब्त की गयी.
बताते चलें कि साल 1926 में देश के औद्योगिक और खनन क्षेत्र को तकनीकी समर्थन देने के उद्देश्य से स्थापित यह संस्थान आज इंजीनियरिंग, पृथ्वी विज्ञान, ऊर्जा, कंप्यूटिंग, प्रबंधन और पर्यावरण अध्ययन जैसे विविध क्षेत्रों में देश का महत्वपूर्ण शक्ति केंद्र बन चुका है. पिछले वर्षों में आइआइटी आइएसएम ने डिजिटल माइनिंग, उन्नत भू-स्थानिक तकनीक तथा महत्वपूर्ण खनिज अन्वेषण के रणनीतिक क्षेत्रों में राष्ट्रीय नेतृत्व स्थापित किया है. प्रधानमंत्री द्वारा हाल ही में आइआइटी (आइएसएम) में ‘महत्वपूर्ण खनिज प्रेक्षण केंद्र’ (क्रिटिकल मिनरल ऑब्जर्वेटरी) की स्थापना की घोषणा इस नेतृत्व की बड़ी स्वीकृति मानी जा रही है. अब जब संस्थान अपनी दूसरी सदी में प्रवेश कर रहा है, इसका ध्यान सीमांत शोध, सतत विकास, डीप-टेक नवाचार, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और समाज पर सकारात्मक प्रभाव जैसे भविष्य के बड़े लक्ष्यों पर केंद्रित है. शताब्दी समारोह के तहत आयोजित शताब्दी स्थापना सप्ताह (तीन से नौ दिसंबर) का उद्घाटन प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ पीके मिश्रा की उपस्थिति में हुआ था.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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