Dhanbad News : एकड़ा स्थित श्री श्री राधा कृष्ण प्रेम मंदिर के छठे वार्षिक महोत्सव के चौथे दिन मंगलवार को कथावाचक सुरेंद्र हरिदास जी महाराज ने कहा कि गुरु हमारे जीवन की दिशा तय करते हैं, शास्त्र हमें जीवन का सही मार्ग दिखाते हैं. वह बताते हैं कि क्या उचित है, और क्या अनुचित. वह अज्ञान के अंधकार से हमें ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं. माता-पिता हमारे पहले गुरु होते हैं. उनका प्रेम, त्याग और अनुभव अनमोल होता है. कहा कि तिलक लगाना न केवल धार्मिक परंपरा है, बल्कि आत्मा की रक्षा का एक अदृश्य कवच भी है. उन्होंने कहा कि अगर भगवान से मिलना है, तो अपने मन के भावों को शुद्ध बनाना होगा. कथा को सफल बनाने वाले में अनिल बाबू, जगन्नाथ जी, अशोक प्रजापति, राकेश चौधरी, फेंकू सिंह, मिंकेतन मंडल, राजेश साव, पप्पू केडिया, श्याम पांडेय, मदन मोहन सिन्हा, नागेंद्र प्रजापति, शोभा देवी, रुक्मिणी देवी, विजय कुमार, संजय गुप्ता, चंदन पासवान, जूही देवी, मालती देवी आदि का योगदान रहा.
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