LPG किल्लत दूर करने के लिए सरकार की नई पहल, रेस्टोरेंट एसोसिएशन से बात करेंगी ये तीन कंपनियां

LPG Cylinder supply shortage
LPG supply shortage: पश्चिम एशिया तनाव के बीच रेस्टोरेंट्स की गैस सप्लाई सुचारू रखने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. अब सरकारी कंपनियों के अधिकारियों की एक तीन सदस्यीय कमेटी रेस्टोरेंट एसोसिएशन की समस्याओं का तुरंत समाधान कर गैस की सीम्लेस आपूर्ति और उपलब्धता सुनिश्चित करेगी.
LPG supply shortage: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर पूरी तरह अलर्ट है. सरकार ने यह सुनिश्चित करने का फैसला किया है कि आम नागरिकों और उद्योगों को मिलने वाली रसोई गैस (LPG) और ईंधन की सप्लाई में कोई रुकावट न आए. इसे लेकर सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं.
LPG सप्लाई के लिए एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट
सरकार ने देश में गैस की जमाखोरी और कमी को रोकने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) लागू किया है. इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि संकट की घड़ी में भी हर घर तक रसोई गैस सुरक्षित रूप से पहुंचे. रिफाइनरियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे अपना प्रोडक्शन बढ़ाएं और रसोई गैस उत्पादन को प्राथमिकता दें.
किसे मिलेगी प्राथमिकता?
सरकार ने यह तय किया है कि गैस की सप्लाई में किस क्षेत्र को कितना हिस्सा मिलेगा. इसके लिए पिछले छह महीनों की औसत खपत को आधार बनाया गया है:
- घरों में इस्तेमाल होने वाली पाइप्ड गैस (PNG), गाड़ियों के लिए इस्तेमाल होने वाली CNG, एलपीजी उत्पादन और पाइपलाइन कंप्रेसर को बिना किसी कटौती के पूरी गैस मिलेगी.
- चाय उद्योग, अन्य मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रीज और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के औद्योगिक ग्राहकों को उनकी औसत खपत का 80% हिस्सा दिया जाएगा.
- फर्टिलाइजर बनाने वाले प्लांट्स को उनकी जरूरत का 70% हिस्सा मिलेगा.
- तेल रिफाइनिंग कंपनियों को अपने गैस आवंटन को थोड़ा घटाकर 65% पर रखने को कहा गया है ताकि गैस का ज्यादा हिस्सा एलपीजी पूल में जा सके.
रेस्टोरेंट मालिकों की समस्याओं का समाधान
रेस्टोरेंट्स को कमर्शियल गैस से जुड़ी कोई दिक्कत न हो, इसके लिए सरकार ने एक तीन सदस्यीय समिति बनाई है. इसमें इंडियन ऑयल (IOC), एचपीसीएल (HPCL) और बीपीसीएल (BPCL) के कार्यकारी निदेशक शामिल हैं. यह समिति रेस्टोरेंट एसोसिएशनों की शिकायतें सुनेगी और मांग के अनुसार गैस सप्लाई को व्यवस्थित करेगी.
सरकार ने तय किया 25 दिन का बुकिंग गैप
गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और अनावश्यक बुकिंग रोकने के लिए सरकार ने एक नया नियम लागू किया है. अब उपभोक्ताओं के लिए 25 दिन का इंटर-बुकिंग पीरियड अनिवार्य कर दिया गया है. इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी व्यक्ति जरूरत से ज्यादा सिलेंडर जमा करके न रखे और बाजार में गैस की किल्लत न हो.
क्या देश में ईंधन की कमी है?
सरकारी सूत्रों का कहना है कि फिलहाल देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है. भारतीय रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं. सबसे बड़ी राहत यह है कि भारत अपने कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा (करीब 70%) होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर के देशों से मंगाता है, जिससे हम इस संकट की स्थिति में अन्य देशों की तुलना में काफी सुरक्षित हैं. सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल रिफाइंड ऑयल के निर्यात पर रोक लगाने का कोई फैसला नहीं लिया गया है. पूरी कोशिश है कि रसोई गैस का उत्पादन बढ़ाकर उसे सीधे आम उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए.
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लेखक के बारे में
By Anshuman Parashar
अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.
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