दुबई में बैठा गैंगस्टर प्रिंस का नेटवर्क ध्वस्त, धनबाद से 4 गुर्गे गिरफ्तार, हवाला और क्रिप्टो से होता था कैश ट्रांसफर
Published by : Sameer Oraon Updated At : 05 Nov 2025 7:01 PM
प्रेस वार्ता में मामले की जानकारी देते एसएसपी प्रभात कुमार, Pic Credit- प्रतीक पोपट
Gangster Prince Khan: धनबाद पुलिस ने दुबई में बैठे कुख्यात प्रिंस खान के अपराध नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने वासेपुर में छापेमारी करके चार स्लीपर सेल को गिरफ्तार किया है. छापेमारी में लाखों रुपये के नकद, पिस्टल और दस्तावेज बरामद हुए हैं.
धनबाद, (प्रतीक पोपट): दुबई में बैठकर कोयलांचल में अपना अपराध साम्राज्य चलाने वाले कुख्यात हैदर अली उर्फ प्रिंस खान (Gangster Prince Khan) के नेटवर्क पर धनबाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. मंगलवार सुबह वासेपुर समेत शहर के लगभग 30 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गयी. इसमें प्रिंस खान के चार स्लीपर सेल के सदस्य को गिरफ्तार कर लिया गया है. बुधवार को एसएसपी प्रभात कुमार ने यह जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी.
क्या-क्या मिला छापेमारी में
छापेमारी के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के ठिकानों से 17 लाख 34 हजार 900 रुपये नकद के साथ साथ 70 जमीन से जुड़े डीड और एग्रीमेंट पेपर, 18 एटीएम और डेबिट कार्ड, 05 बैंक पासबुक, 09 चेकबुक, 05 मोबाइल फोन, एक 6-चक्रिय पिस्टल (नागालैंड निर्मित) और 47 जिंदा गोलियां बरामद की हैं.
किन किन लोगों की हुई है गिरफ्तारी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने कबाड़ी पट्टी के रहने वाला परवेज खान (55 वर्ष), नवीनगर वासेपुर के रहने वाले तौशिफ आलम उर्फ मुसा (33 वर्ष), कमर मखदुमी रोड के रहने वाला सैफ आलम उर्फ राशिद और शमशेर नगर के रहने वाला 46 साल के इम्तियाज अली उर्फ लाडले को गिरफ्तार किया है. इस बारे में एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि स्लीपर सेल के इन सदस्यों का काम दुबई में बैठे प्रिंस खान के इशारे पर धनबाद में आने वाले गैंग के सदस्यों को ठहराना, लॉजिस्टिक सपोर्ट देना, व्यापारियों–पेट्रोल पंप संचालकों के बारे में जानकारी जुटाना और वसूली का पैसा सुरक्षित पहुंचाना था.
कैसे मनी ट्रांसफर होता था?
वसूली की रकम हवाला और USDT क्रिप्टो करेंसी के जरिये दुबई भेजी जाती थी. जबकि बाकी पैसे को प्रिंस खान के निर्देश पर बरवाअड्डा, गोविंदपुर और आठ लेन क्षेत्र में जमीन खरीद-बिक्री में लगाया जाता था, जिससे काली कमाई सफेद हो जाती थी.
आमदनी का वैध स्रोत नहीं बता सके
नकद राशि के स्रोत के बारे में कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखाए जाने पर पुलिस ने इनकम टैक्स विभाग को पत्र भेजा है. एसएसपी ने कहा कि सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान जारी है.
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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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