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Dhanbad News: फिजिक्स के कठिन और मैथ के उलझाने वाले प्रश्नों ने छात्रों को किया परेशान

Updated at : 03 Apr 2025 2:30 AM (IST)
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Dhanbad News: फिजिक्स के कठिन और मैथ के उलझाने वाले प्रश्नों ने छात्रों को किया परेशान

जेइइ मेन-2025 के दूसरे सेशन की परीक्षाएं बुधवार से शुरू हो गयीं. धनबाद में परीक्षा के लिए दो केंद्र बनाये गये हैं. पहले ही दिन धनबाद के दोनों केंद्रों पर 100 छात्रों ने छोड़ी परीक्षा.

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धनबाद.

जेइइ मेन-2025 के दूसरे सेशन की परीक्षाएं बुधवार से शुरू हो गयीं. परीक्षाएं नौ अप्रैल तक चलेंगी. धनबाद में परीक्षा के लिए दो केंद्र बनाये गये हैं. पहले दिन इयोन डिजिटल बरवाअड्डा में दो पालियों में तथा कुसुम विहार स्थित पर्थ डिजिटल में एक पाली परीक्षा हुई. दोनों परीक्षा केंद्रों पर छात्र सुबह सात बजे से ही पहुंचने लगे. परीक्षा देकर निकले छात्रों ने भौतिकी को कठिन, गणित के प्रश्नों को लंबा व रसायन विज्ञान को अपेक्षाकृत आसान बताया. कुल मिलाकर, पेपर संतुलित था और इसमें संकल्पनात्मक व संख्यात्मक प्रश्नों का अच्छा मिश्रण था.

पहले दिन सौ परीक्षार्थी अनुपस्थित

एनटीए की सिटी को-ऑर्डिनेटर डॉ स्नेहलता सिन्हा ने बताया कि इयोन डिजिटल में प्रथम पाली में 682 छात्र पंजीकृत थे, जिनमें से 636 उपस्थित और 46 अनुपस्थित रहे. दूसरी पाली में 674 पंजीकृत छात्रों में से 629 उपस्थित और 45 अनुपस्थित रहे. वहीं, पर्थ डिजिटल जोन में केवल प्रथम पाली में परीक्षा हुई, जहां 47 पंजीकृत छात्रों में से 38 उपस्थित और 9 अनुपस्थित थे. पहले ही दिन 100 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी. दोनों केंद्रों पर चार अप्रैल तक कुल 4167 छात्र परीक्षा देंगे.

भौतिकी : कठिन प्रश्नों ने किया परेशान

इयोन डिजिटल जोन से परीक्षा देकर निकली आयुष अग्रवाल, रीतेश सिंह, सुरभि शर्मा, प्रतीक और श्रेयांश ने बताया कि सुबह की शिफ्ट का पेपर मध्यम स्तर का था. भौतिकी में कठिन प्रश्न पूछे गये, इनमें से कई मध्यम से कठिन स्तर के थे. अधिकतर संख्यात्मक आधारित थे. परीक्षा में मैकेनिक्स, थर्मोडायनमिक्स, इलेक्ट्रोस्टैटिक्स, ऑप्टिक्स और यूनिट एवं मेजरमेंट्स से अधिकतम प्रश्न पूछे गये. मॉडर्न फिजिक्स और मैग्नेटिज्म से कम प्रश्न आये, जबकि इएमआइ और प्रत्यावर्ती धारा से कोई प्रश्न नहीं था.

रसायन विज्ञान: हल करने में लगा कम समय

छात्रों ने रसायन विज्ञान को मध्यम से कठिन स्तर का बताया, लेकिन कहा कि यह हल करने में सबसे कम समय लेने वाला विषय था. लगभग सभी अध्यायों से प्रश्न पूछे गये. इनमें इनऑर्गेनिक और फिजिकल केमिस्ट्री से अधिक प्रश्न थे, ऑर्गेनिक केमिस्ट्री से अपेक्षाकृत कम प्रश्न आये. अधिकांश सैद्धांतिक प्रश्न सीधे एनसीइआरटी से लिये गये थे. डेटा आधारित प्रश्न चुनौतीपूर्ण रहे.

गणित : लंबे प्रश्नों ने लिया अधिक समय

गणित का स्तर मध्यम रहा और इसमें सभी विषयों से प्रश्न समान रूप से वितरित थे. हालांकि, कई प्रश्न लंबे थे, जिन्हें हल करने में अधिक समय लगा. मैट्रिक्स, थ्रीडी ज्योमेट्री, वेक्टर, कोनिक सेक्शन, कलन और डिटरमिनेंट्स जैसे प्रमुख विषयों से प्रश्न पूछे गये. प्रथम सत्र की तुलना में यह सेक्शन अधिक सुव्यवस्थित था, लेकिन कुछ प्रश्नों ने छात्रों को थोड़ा परेशान किया.

300 अंकों के प्रश्न शामिल

बीटेक और बीई के लिए आयोजित इस परीक्षा में गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान के कुल 300 अंकों के प्रश्न शामिल थे. सभी विषयों को दो भागों सेक्शन 1 और सेक्शन 2 में विभाजित किया गया था. सेक्शन वन में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न थे. सेक्शन दो में 10 संख्यात्मक आधारित प्रश्न थे, जिनमें से केवल पांच का उत्तर देना अनिवार्य था. छात्रों ने परीक्षा को संतुलित बताया, लेकिन कठिन और लंबे प्रश्नों ने उन्हें अतिरिक्त प्रयास करने के लिए विवश किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ASHOK KUMAR

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