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धनबाद के इस स्कूल में कोयले से चूल्हे पर पकता है एमडीएम, 2 कमरे में पढ़ते हैं पांचवीं तक के बच्चे

Updated at : 28 Nov 2025 6:11 AM (IST)
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dhanbad news mid day meal in school

इसी चूल्हे पर बच्चों के लिए बनता है मिड डे मील. फोटो : प्रभात खबर

Dhanbad News: झारखंड की कोयला नगरी धनबाद में शिक्षा व्यवस्था का हाल बदहाल है. दो कमरे के स्कूल में पांचवीं तक की पढ़ाई होती है. इस स्कूल में गैस पर नहीं, कोयले से चूल्हे पर मध्याह्न भोजन पकता है. बच्चे इससे निकलने वाले धुआं से परेशान हैं. बच्चियों के लिए बने शौचालय की स्थिति दयनीय है. चहारदीवारी नहीं होने की वजह से स्कूल कैंपस नशेड़ियों का अड्डा बन गया है.

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Dhanbad News: रोजाना सुबह स्कूल आने पर परिसर में शराब की खाली बोतल, सिगरेट के डिब्बे, डिस्पोजल ग्लास अन्य सामान फेंके मिलते हैं. स्कूल की सफाई करने के बाद कक्षाएं लगायी जाती हैं. धनबाद जिले के बालिका प्राथमिक विद्यालय कुसमाटांड़ बलियापुर के विद्यार्थियों व शिक्षिकाओं का यह रोज का रूटीन है. इस स्कूल की व्यवस्था ऐसी है कि कच्चे कोयले के चूल्हे पर एमडीएम तैयार किया जाता है. इससे उठने वाले धुंए से विद्यार्थी परेशान रहते हैं. छात्राओं के लिए बनाये गये शौचालय की स्थिति अत्यंत दयनीय है. प्रभात खबर की टीम गुरुवार को दिन में 11:28 बजे पहुंची, तो यही नजारा देखने को मिला.

स्कूल कैंपस बन गया है नशेड़ियों का अड्डा. पड़ी रहती हैं शराब की बोतलें. फोटो : प्रभात खबर

पहला दृश्य दोपहर 11:28 बजे – बाहर फल खा रहे थे बच्चे

प्रभात खबर की टीम दोपहर 11:28 बजे स्कूल पहुंची तो शिक्षिका स्कूल परिसर में खड़ी थीं, वहीं बच्चे बाहर इधर-उधर घूमते हुए एमडीएम में मिलने वाला फल खा रहे थे. बाद में सभी बच्चों को कक्षा में बैठाया गया. एक कमरे में पहली और दूसरी कक्षा के और दूसरे कमरे में तीसरी, चौथी और पांचवीं कक्षा के बच्चे बैठे थे. स्कूल परिसर में दो खाली रूम भी हैं. इसमें एमडीएम का चावल व अन्य सामान रखे गये हैं. दूसरा भवन जर्जर हो चुका है इसका प्लास्टर टूट कर गिर रहा है.

मिड-डे मील के लिए जलाये जाने वाले चूल्हे से उठते धुआं से परेशान हैं बच्चे. फोटो : प्रभात खबर

दूसरा दृश्य दोपहर 11:35 बजे – कोयले पर बन रहा एमडीएम, धुंए से परेशान रहे बच्चे

प्रभात खबर की टीम यहां पहुंचने के चंद मिनट बाद अंदर दाखिल हुई, करीब दोपहर के 11:35 बजे का दूसरा दृश्य एमडीएम के लिए कोयलो के चूल्हे पर बन रहा भोजन था. इधर कच्चे कोयले के जलने से उठ रहे धुंए से बच्चों का हाल बेहाल दिखा. चूल्हा नियमानुरूप नहीं है. पूरे स्कूल परिसर में धूआं भरा रहा. एचएम कृतिवास महतो ने बताया कि गैस सिलेंडर खाली हो गया है. तीन दिनों से यह चूल्हा जलाना पड़ रहा है. सिलेंडर खुद लेकर आना पड़ता है.

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Dhanbad News: स्कूल में बाल वाटिका का भी हो रहा संचालन

इस विद्यालय में बाल वाटिका कक्षा भी चल रही है. बाल वाटिका से दूसरी कक्षा तक में 15 और तीसरी से पांचवीं कक्षा तक में 21 विद्यार्थी नामांकित है. कक्षा एक और दूसरी के लिए राउंड टेबल की जगह बच्चे बेंच डेस्क पर बैठे थे. उसमें भी अधिकांश कई खराब हो गये है. बच्चों की उपस्थिति बढ़ने पर दिक्कत अधिक होती है.

स्कूल कैंपस में पड़ी शराब की बोतलें. फोटो : प्रभात खबर

चहारदीवारी नहीं होने से नशेड़ियों का होता है जमावड़ा

स्कूल परिसर में चहारदीवारी नहीं होने के कारण स्कूल के छुट्टी होने के बाद शाम में नशेड़ियों का जमावड़ा हो रहा है. यहीं कारण है कि स्कूल परिसर में शराब की खाली बोतले और अन्य सामान फेंके रहते हैं.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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