धनबाद में साल 2024 के अंतिम नेशनल लोक अदालत में 3.7 लाख वादों का हुआ निबटारा
Published by : Sameer Oraon Updated At : 14 Dec 2024 9:21 PM
नेशनल लोक अदालत में शामिल लोग
Dhanbad News: धनबाद के नेशनल लोक अदालत में तीन लाख सात हजार 227 विवादों का निबटारा किया गया. इस दौरान 12 अरब 44 करोड़ से अधिक की रिकॉर्ड रिकवरी की गयी.
धनबाद : नालसा के निर्देश पर साल 2024 का अंतिम नेशनल लोक अदालत का ऑनलाइन उद्घाटन शनिवार को झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के एक्जीक्यूटिव चेयरमैन जस्टिस एसएन प्रसाद ने रांची से किया. धनबाद के प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश सह डलसा के चेयरमैन वीरेंद्र कुमार तिवारी ने मौके पर धनबाद में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि नेशनल लोक अदालत अब परिचय का मोहताज नहीं रह गया है, वह लोगों की आदत में शामिल हो चुका है. हमारा संविधान हर किसी को सामाजिक, आर्थिक व सस्ता सुलभ न्याय की गारंटी देता है.
क्या फायदा है लोक अदालत का
लोक अदालत में महीनों कोर्ट का चक्कर लगाने और पैसे की बर्बादी से बचा जा सकता है. इससे लोगों को मानसिक शांति भी मिलती है. साथ ही प्रेम और सौहार्द आपस में फिर से बन जाता है. डीडीसी धनबाद सादात अनवर ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम आदमी के हित लगाये जाते हैं. धनबाद बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष धनेश्वर महतो ने कहा कि डलसा आम लोगों के हित में लगातार काम कर रहा है. सिटी एसपी अजीत कुमार ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से व्यापक पैमाने पर मुकदमों का निष्पादन किया जा रहा है. इसमें समय की बचत के साथ-साथ वादकारियों को विभिन्न कानूनी पचड़ों से मुक्ति मिल रही है.
तीन लाख सात हजार 227 विवादों का हुआ निबटारा
अवर न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार राकेश रोशन व मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी आरती माला ने बताया कि विवादों व मुकदमों के निबटारे के लिए प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश के आदेश पर 13 बेंच का गठन किया गया था. इनके द्वारा विभिन्न तरह के सुलहनीय तीन लाख सात हजार 227 विवादों का निबटारा किया गया. 12 अरब 44 करोड़ तीन लाख 22 हजार 704 रुपये की रिकॉर्ड रिकवरी की गयी. इसमें 24 हजार 274 ऐसे मुकदमे थे, जो विभिन्न अदालतों में लंबित थे. उन्होंने सभी वादकारी, न्यायिक पदाधिकारियों विभाग के अधिकारियों व बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं का सहयोग के लिए आभार प्रकट किया.
ये थे मौजूद
न्यायिक पदाधिकारियों में प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय टी हसन, एसएन मिश्रा, जिला व सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी, संजय कुमार सिंह, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, आरती माला, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजीव त्रिपाठी, सिविल जज एंजेलिना जॉन, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी अभिजीत पांडेय, रेलवे मजिस्ट्रेट मनोज कुमार, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी ऋषि कुमार, हेमंत कुमार सिंह, संतोषणी मुर्मू ,स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष पीयूष कुमार, सर्टिफिकेट ऑफिसर रवींद्रनाथ ठाकुर, जिला उपभोक्ता फोरम की सदस्य शिप्रा डालसा के पैनल अधिवक्ता, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के टीम, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे.
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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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