संविदा पर 17 प्रोफेसर नियुक्त, एसएनएमएमसीएच को मिले सात शिक्षक
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने संविदा के आधार पर 17 चिकित्सा शिक्षकों को प्रोफेसर के पद पर विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पदस्थापित किया है.
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने संविदा के आधार पर 17 चिकित्सा शिक्षकों को प्रोफेसर के पद पर विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पदस्थापित किया है. जारी विभागीय अधिसूचना के अनुसार इनमें से सात प्रोफेसरों की पदस्थापना एसएनएमएमसीएच, धनबाद के लिए की गयी है. इससे कॉलेज में लंबे समय से चला आ रहा फैकल्टी क्राइसिस दूर होने की उम्मीद जगी है.
विभागों में शैक्षणिक ढांचा की मजबूती की उम्मीद
एसएनएमएमसीएच के लिए नियुक्त शिक्षकों में डॉ मकरध्वज प्रसाद (एनाटॉमी), डॉ तान्या खेतान (डेंटिस्ट्री), डॉ अरुण कुमार बरनवाल (जनरल सर्जरी), डॉ उमेश कुमार ओझा (मेडिसिन), डॉ बिपद भंजन महतो (नेत्र रोग), डॉ द्विवेदी पन्ना भूषण (ऑर्थोपेडिक्स) व डॉ ज्याेति रंजन प्रसाद (पैथाेलॉजी) शामिल हैं. इन विशेषज्ञ शिक्षकों के आने से विभागों में शैक्षणिक और चिकित्सकीय गतिविधियों को मजबूती मिलने की संभावना है. विभागीय आदेश के अनुसार संविदा आधारित नियुक्ति न्यूनतम दो वर्ष अथवा नियमित नियुक्ति/प्रोन्नति, जो पहले हो, तक या संबंधित शिक्षक के 70 वर्ष की आयु तक प्रभावी रहेगी. दो वर्ष के बाद प्रदर्शन संतोषजनक हुआ तो वित्त विभाग की सहमति से एक-एक वर्ष के लिए सेवा विस्तार दिया जा सकेगा.
सात दिनों में देना होगा योगदान
नियुक्त चिकित्सा शिक्षकों को पदस्थापना स्थल पर सात दिनों के अंदर योगदान देना अनिवार्य किया गया है. इन प्रोफेसरों को प्रति माह 2.50 लाख रु मानदेय दिया जायेगा. इन्हें राज्य कर्मियों के अनुरूप कैलेंडर वर्ष में आकस्मिक अवकाश (सीएल) मिलेगा, जबकि अन्य अवकाश की सुविधा नहीं होगी. संविदा नियुक्ति को पूर्णतः औपबंधिक बताते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि इससे नियमित नियुक्ति का दावा नहीं किया जा सकेगा.
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