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Dhanbad News: भोजूडीह वाशरी इजे एरिया व पाथरडीह वाशरी लोदना एरिया करेगी संचालित

Updated at : 04 Feb 2026 2:29 AM (IST)
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Dhanbad News: भोजूडीह वाशरी इजे एरिया व पाथरडीह वाशरी लोदना एरिया करेगी संचालित

Dhanbad News: बीसीसीएल ने जारी किया आदेश, मुनीडीह वाशरी की कमान डब्ल्यूजे एरिया को

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Dhanbad News: बीसीसीएल ने जारी किया आदेश, मुनीडीह वाशरी की कमान डब्ल्यूजे एरिया को

Dhanbad News: बीसीसीएल उच्च प्रबंधन ने कोल वाशरियों के सुचारु संचालन को लेकर अहम निर्णय लेते हुए प्रशासनिक नियंत्रण में बदलाव किया गया है. पाथरडीह व भोजूडीह (न्यू व ओल्ड) तथा मुनीडीह कोल वाशरी का संचालन वाशरी डिवीजन के बजाये अब संबंधित एरिया के जीएम करेंगे. इस आलोक में बीसीसीएल के सचिव बीके पारुई के हस्ताक्षर से मंगलवार को अधिसूचना जारी कर दी गयी है. जारी आदेश के अनुसार अब तक जीएम (वाशरी/वाशरी डिवीजन) के अधीन संचालित वाशरियों का प्रशासनिक नियंत्रण संबंधित एरिया के जीएम को सौंप दिया गया है. यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू होगा.

तकनीकी सहयोग देगा वाशरी डिवीजन

आदेश के तहत 5.0 एमटीपीए पाथरडीह वाशरी (न्यू) और पाथरडीह वाशरी (ओल्ड) का नियंत्रण अब लोदना एरिया के जीएम के पास रहेगा. जबकि भोजूडीह वाशरी (न्यू) और भोजूडीह वाशरी (ओल्ड) इजे एरिया के अधीन किया गया है. वहीं मुनीडीह वाशरी का नियंत्रण वेस्ट झरिया (डब्ल्यूजे) एरिया के जीएम को सौंपा गया है. बीसीसीएल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि तकनीकी सहयोग पहले की तरह जीएम (वाशरी/वाशरी डिवीजन) द्वारा दिया जाता रहेगा. इसको लेकर संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया गया है. गौरतलब है कि अब तक पाथरडीह, भोजूडीह (न्यू व ओल्ड) तथा मुनीडीह वाशरियों का संचालन वाशरी डिवीजन के माध्यम से किया जा रहा था.

वाशरी और खदानों के बीच बेहतर समन्वय से लक्ष्य हासिल करने में होगी सहूलियत

विशेषज्ञों के मुताबिक एरिया प्रबंधन के लिए यह निर्णय कई मायनों में फायदेमंद साबित हो सकता है. वाशरी अब सीधे एरिया जीएम के अधीन होने से प्रशासनिक निर्णय तेजी से लिए जा सकेंगे. स्थानीय समस्याओं जैसे मैनपावर, सुरक्षा, रखरखाव, लॉजिस्टिक्स और उत्पादन से जुड़ी समस्या का मौके पर समाधान संभव होगा. एरिया स्तर पर प्रदर्शन का आकलन किया जा सकेगा. वाशरी और खदानों के बीच बेहतर समन्वय से उत्पादन लक्ष्य हासिल करने में सहूलियत होगी. हालांकि एरिया प्रबंधन पर इसका बोझ भी बढ़ेगा. अब एरिया को खदानों के साथ-साथ वाशरी संचालन, मानव संसाधन प्रबंधन और प्रशासनिक मामलों को देखना होगा. इससे कार्य दबाव भी बढ़ेगा.

वाशरी डिवीजन तकनीकी गुणवत्ता पर करेगा फोकस

वाशरी संचालन की कमान हाथ से निकलने के बाद वाशरी डिवीजन अब तकनीकी सहयोग, मार्गदर्शन और विशेषज्ञता तक सीमित रह गया है. इससे निर्णय लेने की स्वतंत्रता घटेगी, लेकिन दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि डिवीजन अब तकनीकी गुणवत्ता, प्रक्रिया सुधार और दक्षता बढ़ाने पर अधिक फोकस कर सकेगा. वाशरी डिवीजन के नजरिये से देखें, तो इस फैसले से उसका प्रशासनिक दायरा सीमित हुआ है, जिसे एक तरह का नुकसान माना जा सकता है.

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OM PRAKASH RAWANI

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By OM PRAKASH RAWANI

OM PRAKASH RAWANI is a contributor at Prabhat Khabar.

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