कील चुभो कर खूंटे पर लटके भोक्ता

Updated at : 15 Apr 2024 12:58 AM (IST)
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कील चुभो कर खूंटे पर लटके भोक्ता

चड़क पूजा में भोक्ताओं ने महादेव को किया प्रसन्न

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धनबाद .

भेलाटांड़ गांव स्थित शिव मंदिर प्रांगण में रविवार को चड़क पूजा धूमधाम से मनायी गयी. मंदिर प्रांगण में आस्था का पर्व को लेकर दिन भर काफी गहमा गहमी रही. सैकड़ों भोक्ता अपने शरीर के विभिन्न जगहों में कील चुभो कर भोक्ता खूंटा में घूमे. मंदिर प्रांगण में चारों और मेला का माहौल बना रहा. आस-पास के गांव के दर्जनों लोग आस्था के इस पर्व को देखने के लिए शिव मंदिर पहुंचे हुए थे. बता दें कि सबसे पहले भोक्ताजनों को पास के तालाब ले जाया जाता है. वहां पर शिव भक्तों के इच्छानुसार पीठ, बांह, पैर आदि शरीर के अंगों में कील घुसाया जाता है. उसके पश्चात गाजे बाजे के साथ उसे मंदिर परिसर लाया जाता है. मंदिर में पूजा अर्चना करने के पश्चात उन्हें एक एक करके खंभे के ऊपर चढ़ाया गया. फिर उसे भक्तगणों द्वारा खंभे में बांधकर परिक्रमा करवाया जाता है. खंभे के पास जमीन पर भोक्तागणों के परिवार की महिला सदस्य उपवास करके खड़ी रहती हैं. कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी ग्रामीणों का अहम योगदान रही.मनईटांड़ बस्ती 334 भोक्ताओं ने शरीर में कील चुभो महादेव को किया प्रसन्न

धनबाद. मनईटांड़ बस्ती में रविवार को चड़क पूजा की धूम रही. 334 भोक्ताओं ने शरीर में कील चुभोकर महादेव को प्रसन्न किया. हजारों की संख्या में लोग चड़क पूजा देखने पहुंचे थे. विधायक राज सिन्हा भी अपने समर्थकों के साथ भोक्ता मेला पहुंचे. मौके पर मनईटांड़ भोक्ता पूजा समिति के अध्यक्ष मदन महतो बताया कि बंगला पंचांग के अनुसार साल का पहला दिन शिव की अराधना कर उत्साह पूर्वक पर्व को मनाया जाता है. नहाय खाय से इसकी शुरुआत हुई.

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