रेल यात्रियों के लिए बुरी खबर, झारखंड से मुंबई, जम्मूतवी और चंडीगढ़ जाना होगा मुश्किल, 4 स्पेशल ट्रेनें होंगी बंद

Indian Railways News
Bad news: धनबाद से एलटीटी (मुंबई), जम्मूतवी, भुवनेश्वर और चंडीगढ़ के लिए चलने वाली स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ाने पर अब तक कोई नया आदेश रेलवे की ओर से जारी नहीं हुआ है. इससे यात्रियों में चिंता बढ़ गयी है कि अगर इन ट्रेनों को आगे नहीं चलाया गया, तो उन्हें रेलगाड़ी में भारी भीड़ का सामना करना पड़ेगा.
Bad News|Indian Railways News: झारखंड से मुंबई, जम्मूतवी और चंडीगढ़ जाना मुश्किल होने वाला है. खासकर धनबाद के लोगों के लिए. एक झटके में अगर 4 स्पेशल ट्रेनें बंद हो जातीं हैं, तो जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, ओडिशा (भुवनेश्वर) और पंजाब जाने वालों की परेशानी बढ़ जायेगी. धनबाद को भारतीय रेलवे ने 4 स्पेशल ट्रेनें दीं थीं. इससे लाखों रुपए का राजस्व मिल रहा है. बावजूद इसके इन ट्रेनों को विस्तार नहीं दिया गया है.
धनबाद के रेल यात्रियों की चिंता बढ़ी
धनबाद से एलटीटी (मुंबई), जम्मूतवी, भुवनेश्वर और चंडीगढ़ के लिए चलने वाली स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ाने पर अब तक कोई नया आदेश रेलवे की ओर से जारी नहीं हुआ है. इससे यात्रियों में चिंता बढ़ गयी है कि अगर इन ट्रेनों को आगे नहीं चलाया गया, तो उन्हें रेलगाड़ी में भारी भीड़ का सामना करना पड़ेगा.
40 लाख रुपए प्रति ट्रिप कमाती है जम्मूतवी स्पेशल
धनबाद से सबसे पहले जम्मूतवी के लिए साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन की शुरुआत हुई थी. बाद में ट्रेन को सप्ताह में दो दिन चलाया जाने लगा. हर ट्रिप में यह ट्रेन करीब 40 लाख रुपए राजस्व अर्जित कर रही है.
एलटीटी स्पेशल ट्रेन की कमाई प्रति ट्रिप 61 हजार
धनबाद से मुंबई के लिए चली स्पेशल ट्रेन प्रति ट्रिप 61 हजार रुपये कमा रही है. धनबाद से चंडीगढ़ के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन की कमाई प्रति ट्रिप 35 लाख रुपए है. बावजूद इसके इन ट्रेनों के बंद होने का खतरा मंडरा रहा है.
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गरीब रथ की बोगी में चलतीं हैं स्पेशल ट्रेनें
परेशानी की सबसे बड़ी वजह गरीब रथ की बोगियां हैं. धनबाद-जम्मूतवी स्पेशल और धनबाद-चंडीगढ़ स्पेशल ट्रेन में गरीब रथ की बोगियां लगायी जाती हैं. मुंबई की ट्रेन भी गरीब रथ की बोगी के साथ चली थी. 17 जून से इस ट्रेन की बोगियों को बदलकर एलएचबी कर दिया है.
‘गरीब रथ की बोगियों से चलने वाली ट्रेनें बंद करें’
उधर, 19 जून 2025 को रेलवे बोर्ड ने एक चिट्ठी जारी कर साफ कह दिया कि वो स्पेशल ट्रेनें, जो गरीब रथ की बोगियों से चल रहीं हैं, उन सभी स्पेशल ट्रेनों को तत्काल बंद करें. इसलिए चंडीगढ़ और जम्मूतवी की ट्रेन के फेरे बढ़ने पर सवाल खड़े हो गये हैं.
रेलवे बोर्ड ने नहीं बढ़ाये फेरे, तो बंद हो जायेंगी ट्रेनें
अगर रेलवे ने इन ट्रेनों के फेरे नहीं बढ़ाये, तो जून के अंत तक सभी ट्रेनें बंद हो जायेंगीं. गर्मी छुट्टी और लगन खत्म होने के बावजूद इन ट्रेनों में बुकिंग अच्छी-खासी हो रही है. धनबाद एलटीटी स्पेशल ट्रेन का आखिरी फेरा 24 जून को है. इस ट्रेन की सभी श्रेणियों में अभी वेटिंग चल रही है.
28 जून तक धनबाद-जम्मूतवी में 90 से अधिक वेटिंग
धनबाद-जम्मूतवी स्पेशल ट्रेन 24 और 28 जून को चलेगी. इसका आखिरी फेरा 28 जून को होगा. 24 जून के लिए ट्रेन में 100 से अधिक वेटिंग है, जबकि 28 जून के लिए 90 से अधिक वेटिंग चल रही है. धनबाद-चंडीगढ़ ट्रेन में भी 50 से अधिक वेटिंग है.
नोरूम वाले ट्रेनों के भी नहीं बढ़े फेरे
धनबाद के रास्ते चलने वाली रक्सौल-सिकंदराबाद स्पेशल और रक्सौल-चर्लपल्ली स्पेशल ट्रेनों में नोरूम है. बावजूद इसके, अब तक इन दोनों ट्रेनों को विस्तार नहीं दिया गया है. दोनों ट्रेनें जून के अंत तक या जुलाई के पहले सप्ताह तक ही चलेंगी.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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