बनने थे 392 शाैचालय, बने सिर्फ 167
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :21 Jul 2019 4:36 AM (IST)
विज्ञापन

ओडीएफ घाेषित धनबाद का सच. आज भी खुले में शाैच जाती हैं कंचनपुर की महिलाएं धनबाद : बनाये जाने थे 392 शौचालय. इसके लिए सरकारी खाते से राशि की निकासी भी हो गयी. पर बने केवल 167. वह भी आधे-अधूरे ढंग से. शेष 225 शौचालय का पता नहीं. इस मद के शेष 27 लाख रुपये […]
विज्ञापन
ओडीएफ घाेषित धनबाद का सच. आज भी खुले में शाैच जाती हैं कंचनपुर की महिलाएं
धनबाद : बनाये जाने थे 392 शौचालय. इसके लिए सरकारी खाते से राशि की निकासी भी हो गयी. पर बने केवल 167. वह भी आधे-अधूरे ढंग से. शेष 225 शौचालय का पता नहीं. इस मद के शेष 27 लाख रुपये का भी पता नहीं. यह हाल है बाघमारा के कंचनपुर पंचायत का. यहां आज भी सैकड़ों महिला, पुरुष खुले में शौच जाने को मजबूर हैं. ओडीएफ घाेषित धनबाद जिले की यह हकीकत है. कागज पर ओडीएफ, मैदान ही सहारा: धनबाद जिला दो अक्तूबर, 2018 को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित हो चुका है.
यहां गांव से लेकर शहर तक में खुले में शौच करनेवालों पर जुर्माने का प्रावधान लागू है. पर आज भी शहर से लेकर गांव तक सैंकड़ाे परिवार रोज खुले में शौच करते हैं. आज भी सरकारी महकमे द्वारा शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है. लाेग पूछ रहे हैं… अगर पूरा धनबाद ओडीएफ हो चुका है, तब फिर क्यों नगर निगम से लेकर प्रखंडों में शौचालय निर्माण अभियान चल रहा है.
पूरा तंत्र क्यों चुप है? अविभाजित बिहार में बाघमारा को गांधी प्रखंड घोषित किया गया था. इस गांधी प्रखंड के कंचनपुर पंचायत में 392 शौचालय निर्माण के लिए 47.4 लाख रुपये की निकासी हुई. ऑनलाइन आंकड़ाें के अनुसार 167 शौचालय का निर्माण ही पूरा हुआ है. शेष 225 शौचालय का अता-पता नहीं. कंचनपुर के मुखिया सीताराम भुइयां का दावा है कि तीन सौ के आस-पास शौचालय के निर्माण का काम पूरा हुआ है. शेष का काम एक-दो दिनों में शुरू हो जायेगा. पर क्षेत्र के लोगों के अनुसार जो शौचालय बने हैं, उनकी भी गुणवत्ता सही नहीं है. सही ढंग से निर्माण नहीं हुआ है.
पंचायत सेवक, कनीय अभियंता पर लग चुका है जुर्माना
पिछले वित्तीय वर्ष यहां सामाजिक अंकेक्षण के दौरान यहां शौचालय निर्माण सहित अन्य योजनाओं में गड़बड़ी को लेकर कनीय अभियंता, कंचनपुर के पंचायत सेवक पर जुर्माना लग चुका है. पंचायत सेवक पर तो 37 हजार रुपये का जुर्माना लगा था.
एक वर्ष पहले मापी हुई, ईंट तक नहीं गिरी
कंचनपुर पंचायत के रामपुर राजस्व गांव में डाक घर के पास दो दर्जन से अधिक घरों में एक भी शौचालय नहीं है. इस गांव के लोग आज भी बाहर ही शौच करने जाते हैं. इसी पंचायत के दुखीडीह, बांस कपूरिया गांवों में भी कई घरों में शौचालय नहीं बन पाया है. कई स्थानों पर तो मापी के बाद भी न तो लाभुक को राशि दी गयी और न ही निर्माण के लिए एक ईंट तक गिरायी गयी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




