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संजीव सिंह के इशारे पर नीरज सिंह की गाड़ी पर हुई थी अंधाधुंध फायरिंग

Updated at : 16 Feb 2019 2:40 AM (IST)
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संजीव सिंह के इशारे पर नीरज सिंह की गाड़ी पर हुई थी अंधाधुंध फायरिंग

धनबाद : पूर्व डिप्टी मेयर व कांग्रेस नेता नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या मामले में सुनवाई शुक्रवार को जिला व सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार दुबे की अदालत में हुई. अदालत में जेल में बंद भाजपा के झरिया विधायक संजीव सिंह, जैनेंद्र कुमार सिंह उर्फ पिंटू सिंह, धनंजय कुमार उर्फ धनजी, संजय सिंह, डबलू […]

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धनबाद : पूर्व डिप्टी मेयर व कांग्रेस नेता नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या मामले में सुनवाई शुक्रवार को जिला व सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार दुबे की अदालत में हुई. अदालत में जेल में बंद भाजपा के झरिया विधायक संजीव सिंह, जैनेंद्र कुमार सिंह उर्फ पिंटू सिंह, धनंजय कुमार उर्फ धनजी, संजय सिंह, डबलू मिश्रा, विनोद कुमार सिंह सशरीर हाजिर थे, जबकि दूसरे जेल में बंद शूटर अमन सिंह, कुर्बान अली उर्फ सोनू, रोहित सिंह उर्फ चंदन सिंह, सागर सिंह उर्फ शिबू व पंकज सिंह की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करायी गयी. अदालत में इस केस के चश्मदीद गवाह आदित्य राज ने अपनी गवाही दी.

उसने घटना का पूर्ण रूप से समर्थन किया. उसने कोर्ट में उसी बात को दुहराया जो उसने पुलिस को बताया था. आदित्य ने पुलिस को बताया था कि “21 मार्च 17 शाम सात सवा सात बजे नीरज सिंह, चालक घोलटू महतो, अशोक यादव, मुन्ना तिवारी के साथ रघुकुल से कतरास मोड़ झरिया नीरज सिंह के ऑफिस के लिए फार्च्यूनर से निकले. उसी गाड़ी से शाम छह बजे हम सभी लोग रघुकुल के लिए ऑफिस से निकले. गाड़ी जब स्टील गेट पार कर के रोड पर बने ब्रेकर के पास पहुचीं तो गाड़ी पर सामने से लाइट पड़ी तो देखा कि संजीव सिंह, गया सिंह, महंत पांडेय तथा 5-7 लोग तेजी से नीरज सिंह की गाड़ी की ओर बढ़ रहे हैं. नीरज सिंह की गाड़ी को संजीव सिंह ने जैसे ही देखा वह अपने साथ आ रहे लोगों को इशारा किया. संजीव के इशारे पर ही सारे लोग अंधाधुंध फायरिंग करने लगे. मैं अपनी जान बचाने के लिए अशोक यादव के पीछे छिप गया.
इसी दौरान मुझे दाहिने हाथ में गोली लगी. फायरिंग से नीरज सिंह, घोलटू महतो, अशोक यादव व मुन्ना तिवारी गोली से छलनी हो गये. फिर मुझे किसी की आवाज सुनाई दी कि चलो हो संजीव भैया, सब मर गइले. कुछ देर बाद मैंने नीरज सिंह के छोटे भाई अभिषेक सिंह उर्फ गुड्डू सिंह को फोन पर जानकारी दी. मैं एकलव्य सिंह व अन्य लोगों की सहायता से नीरज को उनकी गाड़ी से निकाला और एकलव्य सिंह की गाड़ी में रख कर सेंट्रल हॉस्पिटल धनबाद ले गये, जहां कुछ देर के बाद डॉक्टर ने नीरज सिंह को मृत घोषित कर दिया. मेरा भी इलाज सेंट्रल हॉस्पिटल में ही हुआ. संजीव सिंह एवं उनके साथ आ रहे लोगो के हाथ में पिस्टल और कारबाइन था, जिससे वे लोग अंधाधुंध फायरिंग कर रहे थे.
मैं फायरिंग कर रहे अभियुक्त कुर्बान अली, अमन सिंह, रोहित सिंह को पहचानता हूं. गवाह का मुख्य परीक्षण अभियोजन की ओर से ओमप्रकाश तिवारी ने किया जबकि प्रति परीक्षण बचाव पक्ष के अधिवक्ता बीएम त्रिपाठी, मो जावेद व मदन मोहन दरीपा ने किया. मौके पर अधिवक्ता जया कुमार , एस एन मुखर्जी ,(माती द),पंकज प्रसाद मौजूद थे.
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