अनियमित तरीके से दिया बार का लाइसेंस, एक माह बाद किया कैंसिल
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :19 Sep 2018 6:06 AM
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धनबाद : उत्पाद विभाग में किस तरह अनियमितता बरती जाती है, वह गोविंदपुर के एक मामले में सामने आया है. हुआ यूं कि ग्रामीण क्षेत्र व नेशनल हाइवे से सटे होने के बावजूद उत्पाद विभाग ने गोविंदपुर तिलकरायडीह स्थित किंग्स रिसोर्ट रेस्टोरेंट को बार का लाइसेंस दे दिया. 12 लाख रुपये लाइसेंस फी जमा करा […]
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धनबाद : उत्पाद विभाग में किस तरह अनियमितता बरती जाती है, वह गोविंदपुर के एक मामले में सामने आया है. हुआ यूं कि ग्रामीण क्षेत्र व नेशनल हाइवे से सटे होने के बावजूद उत्पाद विभाग ने गोविंदपुर तिलकरायडीह स्थित किंग्स रिसोर्ट रेस्टोरेंट को बार का लाइसेंस दे दिया. 12 लाख रुपये लाइसेंस फी जमा करा ली गयी. फिर एक माह में ही लाइसेंस रद्द कर भी कर दिया गया. लाइसेंस धारक किंग्स रिसोर्ट के मालिक अभिषेक बर्मन अब अपने 12 लाख रुपये लाइसेंस फी वापसी के लिए एक साल से उत्पाद ऑफिस का चक्कर काट रहे हैं.
यह है मामला : किंग्स रिसोर्ट में पहले से बार का लाइसेंस था. इसी बीच सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया कि एनएच से पांच सौ मीटर की दूरी पर कोई लाइसेंसी शराब दुकान या बार नहीं रहेगा. इसके बाद किंग्स रिसोर्ट ने लाइसेंस का अावेदन दिया. इस पर वर्ष 2017-18 के लिए बार लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू की गयी. लाइसेंस अगस्त माह में दे भी दिया गया.
लाइसेंस की फी 12 लाख रुपये जमा करवा लिये गये. फिर उत्पाद आयुक्त की ओर से एक माह बाद अभिषेक को पत्र लिख कर लाइसेंस रद्द करने की जानकारी दी गयी. पत्र में कहा गया कि किंग्स रिसोर्ट धनबाद नगर निगम क्षेत्र में नहीं पड़ता है. लिपिकीय भूल के कारण अनुज्ञप्ति का नवीनीकरण किया गया था. लाइसेंस रद्द कर आपके द्वारा जमा की गयी राशि लौटने का आदेश दिया जाता है.
तत्काल क्यों नहीं दी गयी राशि : प्रोपराइटर का कहना है कि एरिया नगर निगम क्षेत्र में नहीं है तो पहले क्यों लाइसेंस दिया गया. अगर लाइसेंस कैंसिल किया गया तो राशि तत्काल क्यों नहीं वापस कर दी गयी. एक साल हो गये गये अभी तक राशि नहीं मिली.
क्या कहते हैं सहायक उत्पाद आयुक्त
इस संबंध में सहायक उत्पाद आयुक्त डॉ राकेश कुमार ने कहा कि बार लाइसेंस निर्गत करने संबंधी फी विभाग के बैंक खाता में जमा होती है. राशि की वापसी दूसरी बैंक खाता से होती है. रकम वापसी के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा गया था. मुख्यालय ने मांगा है कि सबंधित व्यक्ति के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत कोई केस दर्ज है या नहीं. एसडीएम द्वारा 30 दिसंबर 2017 को छापामारी किये जाने की लिखित सूचना विभाग को दी गयी है. विभाग की ओर से इस दिशा में जो आदेश होगा, उसी अनुसार कार्रवाई की जायेगी.
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