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खदान जाने को देश की पहली मोनो रेल का उद्घाटन

Updated at : 25 Aug 2018 7:43 AM (IST)
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खदान जाने को देश की पहली मोनो रेल का उद्घाटन

पुटकी : बीसीसीएल के डब्ल्यूजे एरिया अंतर्गत मुनीडीह की 15 नंबर इंक्लाइन सीम में भारत की पहली भूमिगत कोल खदानों में काम करने वाले मजदूरों के लिए बने मोनो रेल मैन राइडिंग सिस्टम का उद्घाटन शुक्रवार को केंद्रीय कोल सचिव डॉ इंद्रजीत सिंह ने किया. इसके पूर्व मुनीडीह पहुंचने पर कोल सचिव का सीएमडी एके […]

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पुटकी : बीसीसीएल के डब्ल्यूजे एरिया अंतर्गत मुनीडीह की 15 नंबर इंक्लाइन सीम में भारत की पहली भूमिगत कोल खदानों में काम करने वाले मजदूरों के लिए बने मोनो रेल मैन राइडिंग सिस्टम का उद्घाटन शुक्रवार को केंद्रीय कोल सचिव डॉ इंद्रजीत सिंह ने किया. इसके पूर्व मुनीडीह पहुंचने पर कोल सचिव का सीएमडी एके सिंह ने श्रीफल देकर और क्षेत्रीय जीएम जेएस माहापत्रा ने पुस्तक भेंट कर स्वागत किया. उसके बाद प्रॉजेक्टर के माध्यम से कोल सचिव को मुनीडीह खदान की विशेषता व अन्य जानकारी जीएम ने दी. फिर सभी मोनो रेल पर सवार होकर 15 नंबर सीम की भूमिगत खदान में गये.
16-16 सीटों की दो डिब्बे वाली है मोनो रेल : क्षेत्रीय जीएम जेएस महापात्रा ने बताया कि मोनो रेल मैन राइडिंग सिस्टम चेक गणराज्य की कंपनी फरिट द्वारा इसका निर्माण किया गया है. अभी मोनो रेल को लंबी दूरी तक ले जाने की योजना है. फिलहाल 500 मीटर तक की दूरी मजदूर इसमें तय कर रहे हैं. धीरे-धीरे यह 250 मीटर कर आगे बढ़ती रहेगी. इस मोनो रेल के लिए 5 किलोमीटर लंबी ओवरटेक बनायी जा रही है. मोनो रेल 16-16 सीटों वाली 2 डिब्बे में एक साथ 32 मजदूर 36 टन भार को एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकेगा. इसके अलावा इसके साथ एक मेडिकल सुविधा व अन्य एक और डिब्बा रहेगा.
अभी खदान में पांच किलोमीटर तक जाने में मजदूरों को करीब एक घंटे का समय लगता है. मोनो रेल के बन जाने के बाद मात्र 20 मिनट में मजदूर उस दूरी को तय कर पायेंगे. फिलहाल भूमिगत खदानों में मजदूरों को खनन स्थल तक पहुंचने के लिए चेयर लिफ्ट या डोली सिस्टम का ही प्रयोग होता रहा है.
ये भी थे मौजूद : बीसीसीएल के निदेशक तकनीकी देवल गंगोपाध्याय, बाघमारा सीओ, जीएम जेएस महापात्रा, प्रोजेक्ट ऑफिसर आरके शर्मा, एसके सिंह, एचआर आरके शर्मा, रवि कृष्णन, एसके सिंह, राजू कुमार, बीआरके टुडू, एसके पांजा, राजेश कुमार, केके कर्ण, कुमारी वर्षा, ज्योति कुमारी, मेघा अविनव, सुरेश अमूलवर, विनोद सन्हा के अलावा विधि-व्यवस्था को लेकर पुटकी व मुनीडीह पुलिस और सीआइएसएफ के जवान मौजूद थे.
मंत्रालय का प्रयास सुरक्षा के साथ उत्पादन : कोल सचिव
भूमिगत खदान के अंदर जाकर देखा कि किस प्रकार विकट परस्थितियों में हमारे कोल मजदूर जान जोखिम में डाल कर काम करते हैं. सचिव ने कहा कि कोल मंत्रालय का प्रयास है कि मजदूरों को सुरक्षा के साथ देश हित में कोयला का उत्पादन. तीसरे पे रिवीजन के बाद कोल अधिकारियों का बेसिक वेतन कर्मचारी के कैटेगरी वन के वेतन से कम हो गया है, इस पर उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार किया.
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