वासेपुर के प्रिंस खान एंड ब्रदर्स, गोधर के राजेश चौहान व बिट्टू पर एफआइआर

Updated at : 23 Aug 2018 5:15 AM (IST)
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वासेपुर के प्रिंस खान एंड ब्रदर्स, गोधर के राजेश चौहान व बिट्टू पर एफआइआर

रंजीत के बड़े भाई संजय के आवेदन और घायल मुन्ना खान के बयान को बनाया आधार धनबाद : झारखंड विकास युवा मोर्चा के धनबाद जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह की हत्या के मामले में गोंदुडीह ओपी (केंदुआडीह थाना) में गैंग्स ऑफ वासेपुर के प्रिंस खान एंड ब्रदर्स, गोधर के राजेश चौहान, बिट्टू रवानी समेत अन्य अज्ञात बाइक […]

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रंजीत के बड़े भाई संजय के आवेदन और घायल मुन्ना खान के बयान को बनाया आधार

धनबाद : झारखंड विकास युवा मोर्चा के धनबाद जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह की हत्या के मामले में गोंदुडीह ओपी (केंदुआडीह थाना) में गैंग्स ऑफ वासेपुर के प्रिंस खान एंड ब्रदर्स, गोधर के राजेश चौहान, बिट्टू रवानी समेत अन्य अज्ञात बाइक सवार अपराधियों के खिलाफ बुधवार को एफआइआर दर्ज की गयी. रंजीत के बड़े भाई संजय सिंह ने इस संबंध में लिखित शिकायत की थी. घटना के वक्त कार चला रहे मुन्ना खान के बयान को भी पुलिस ने प्राथमिकी का आधार बनाया है. पुलिस ने मुन्ना का बयान दर्ज किया है. विदित हो कि प्रिंस खान जेल में बंद गैंगस्टर फहीम खान का भांजा है. संजय सिंह ने गोंदुडीह ओपी प्रभारी के नाम दिये गये आवेदन में कहा है कि 21 अगस्त को उसके छोटे भाई रंजीत सिंह की कुसुंडा में हत्या कर दी गयी है.
वासेपुर के प्रिंस खान
रंजीत बीकेबी ट्रांसपोर्ट में कुसुंडा साइडिंग का इंचार्ज था. रंजीत से आठ अगस्त को मोबाइल से फोन कर रंगदारी मांगी गयी थी. फोन करने वाले ने कहा था ‘मैं वासेपुर गैंग्स का आदमी बोल रह हूं. ट्रांसपोर्टिंग में पांच रुपये टन रंगदारी देनी होगी. रंगदारी नहीं देने पर अंजाम बुरा होगा.’ रंजीत ने धमकी की यह बात बतायी थी. रंजीत जब भी देर रात कुसुंडा साइडिंग से आता था तो घबराया हुआ रहता था. मुझे बताया था कि गैंग्स ऑफ वासेपुर के प्रिंस खान, उसका भाई, बिट्टू रवानी व राजेश चौहान ट्रांसपोर्टिंग में पांच रुपये प्रतिटन रंगदारी मांग रहे हैं. कह रहे हैं कि रंगदारी नहीं देने पर हत्या कर देंगे. रंजीत के साथ मुन्ना खान को भी गोली मारी गयी है. मुन्ना देखकर अपराधी को पहचान सकता है.
12 घंटे तक उलझन में रही पुलिस
रंजीत मर्डर केस में एफआइआर को लेकर पुलिस उलझन में रही. रंजीत के भाई संजय सिंह ने पहले ही पुलिस को एफआइआर के लिए लिखित आवेदन दे दिया था. पुलिस ने असर्फी अस्पताल में जाकर जख्मी मुन्ना का भी बयान दर्ज किया. पुलिस के सामने समस्या हो गयी कि दोनों में से किस आवेदन पर केस दर्ज किया जाये. सीनीयर अफसरों ने बैठक कर घंटों मंथन किया. मामला हाइलाइटेड होने के कारण पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है. अंतत: शाम को फैसला लिया गया कि मामले में संजय के बयान को ही आधार बनाया जाये.
गोधर व वासेपुर से चार हिरासत में
हत्यारों की तलाश में पुलिस गोधर, वासेपुर व कुसुंडा समेत कई स्थानों पर छापामारी कर रही है. राजेश चौहान व बिट्टू से जुड़े दो युवकों के साथ गैंग्स के दो युवकों को उठाया गया है. चारों से पूछताछ की जा रही है. बिट्टू भी अंडरग्राउंड हो गया है. गैंग्स से जुड़े दर्जन भर युवकों ने वासेपुर छोड़ दिया है. पुलिस ने उस मोबाइल धारक का भी पता लगा लिया है जिसके नाम पता से मोबाइल सीम लेकर रंजीत को धमकी दी जा रही थी.
फहीम का सबसे छोटा भांजा है प्रिंस : प्रिंस खान गैंग्स ऑफ वासेपुर के प्रमुख घाघीडीह जेल में उम्र कैद की सजा काट रहा फहीम खान का सबसे छोटा भांजा है. प्रिंस अपने बड़े भाई बंटी खान, गोपी खान व गॉडवीन खान के साथ धनबाद जेल में है. गोपी, गॉडवीन व प्रिंस के खिलाफ सीसीए लग चुका है. फहीम का बेटा इकबाल खान व प्रिंस का दोस्त ऋतिक खान भी जेल में बंद है.
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