धनबाद : आइजी सुमन गुप्ता ने धनबाद रेल पुलिस में एसअारपी द्वारा इंस्पेक्टर, थानेदार समेत 30 पुलिस अफसरों के किये गये तबादले को रद्द कर दिया है. आइजी का आदेश शुक्रवार की शाम ही एसआरपी एचपी जनार्दनन को मिल गया है. एसआरपी के आदेश को मात्र 48 घंटे के अंदर ही निरस्त कर दिया गया. अब सभी पुलिस अफसर अपने पूर्व के पदस्थापना स्थान पर चले जायेंगे. आइजी के आदेश के बाद रेल पुलिस महकमा में हड़कंप मच गया है.
तबादले में नियमों की अनदेखी हुई थी : आइजी द्वारा एसआरपी को भेजे गये आदेश में कहा गया है कि पुलिस अफसरों का तबादला बगैर किसी कारण के किया गया है. इसलिए तत्काल प्रभाव से तबादला आदेश रद्द किया जाता है. सुप्रीम कोर्ट व पुलिस मैनुअल के अनुसार इंस्पेक्टर व थानेदारों का स्थानांतरण बगैर किसी गंभीर आरोप के दो वर्ष से पहले नहीं करना है. अगर संबंधित अफसरों का तबादला करना है तो एसपी अपने सीनियर अफसरों से पूर्व में ही अनुमति लेंगे.
तबादला का समुचित कारण उल्लेख करना होगा. पुलिस मैनुअल में भी इसका उल्लेख है. कनीय पुलिस अफसरों का तबादला तीन साल से पहले नहीं करना है.
48 घंटे के अंदर हुई कार्यवाही
रेल पुलिस महकमा में हड़कंप
एसअारपी ने 30 पुलिस अफसरों का किया था स्थानांंतरण
सुप्रीम कोर्ट व पुलिस मैनुअल के उल्लंघन का आरोप
वरीय अफसरों की नहीं ली थी अनुमति
क्या है मामला
एसआरपी ने नौ अगस्त की शाम रेल जिला बल के चार इंस्पेक्टर, नौ थानेदार समेत 17 एसआइ का तबादला किया था. तबादला किये गये किसी पुलिस अफसर ने दो वर्ष का टर्म पूरा नहीं किया था. इसलिए तबादला का कोई ठोस कारण नहीं बनता है. तबादला आदेश की सूची जैसे ही आइजी तक पहुंची, आइजी ने एसआरपी से कारण आदि की जानकारी मांगी. सटीक जवाब नहीं दे पाने के कारण आइजी ने सभी तबादला रद्द कर दिया.
