धनबाद : सरकारी विभागों में काम करने व इएसआइ के दायरे में आने वाली महिलाओं के मातृत्व अवकाश को 12 से बढ़कार 26 सप्ताह (छह माह) कर दिया गया है. इससे धनबाद के विभिन्न विभागों में अनुबंध पर कार्यरत लगभग दो हजार महिलाओं को फायदा
मिलेगा. पिछले कई वर्षों से विभिन्न संगठनों के बैनर तले मातृत्व अवकाश में भेदभाव को लेकर आंदोलन चल रहा था.
इएसआइ मुख्यालय ने इस बाबत सभी रीजनल व लोकल ब्रांच को निर्देश जारी कर दिया है. धनबाद में 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश देना शुरू हो गया है.
भेदभाव से हो रही थी परेशानी : मातृत्व अवकाश को लेकर अनुबंध पर काम करने वाली महिलाएं सरकार से खासी नाराज चल रहीं थीं. सरकारी महिला कर्मियों को जहां मातृत्व अवकाश 26 सप्ताह मिल रहा था, वहीं अनुबंध पर काम करने वाली महिलाओं को मात्र 12 सप्ताह. एक ही कार्यालय में अलग-अलग अवकाश से महिला कर्मियों में मनमुटाव भी हो रहा था.
वर्ष 2016 में संशोधन, 2017 में हुआ लागू
मातृत्व अवकाश की उठ रही मांगों पर केंद्र सरकार ने एक समान अवकाश पर विचार किया. प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाले केंद्रीय कैबिनेट ने मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 में संसद में मातृत्व लाभ (संशोधन) विधेयक, 2016 पेश किया था. इसके बाद संशोधन को मंजूरी दे दी. मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 महिलाओं को उनके प्रसूता बनने के समय रोजगार का संरक्षण करता है. वह उसे उसके बच्चे की देखभाल के लिए कार्य से अनुपस्थिति के लिए पूरे भुगतान का हकदार बनाता है. यह 10 या इससे अधिक कर्मचारियों को काम पर रखने वाले सभी प्रतिष्ठानों पर लागू है. नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई भी होनी है.
मुख्यालय के निर्देशानुसार इएसआइ में 26 सप्ताह का अवकाश मिलने लगा है. इससे प्रसूति के समय रोजगार को संरक्षण भी मिलता है. अनुबंध पर काम करने वाली महिलाओं को इससे लाभ होगा.
ग्यासुल हसन, प्रबंधक, इएसआइ, धनबाद

