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झारखंड : यहां बूंद-बूंद जल के लिए जद्दोजहद, पानी खरीदने में चला जा रहा कमाई का एक हिस्सा

Updated at : 09 Jun 2023 11:19 AM (IST)
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झारखंड : यहां बूंद-बूंद जल के लिए जद्दोजहद, पानी खरीदने में चला जा रहा कमाई का एक हिस्सा

देवघर के शहरी इलाकों में जल संकट एक विकराल समस्या बनी हुई है. क्षेत्र के कई इलाके ड्राइ जोन घोषित हो गए हैं. लोगों को पानी के लिए रोजाना जद्दोजहद करनी पड़ रही है. लोगों का कहना है कि उन्हें अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए पानी खरीदना पड़ता है और पानी खरीदने में ही एक कमाई का एक हिस्सा चला जाता है.

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देवघर के शहरी इलाकों में जल संकट एक विकराल समस्या बनी हुई है. इस साल की गर्मी और तपिश ने पानी की समस्या को एक गंभीर मुद्दा बना दिया है. शहरी क्षेत्र में बढ़ती आबादी के अनुरूप पानी का प्रबंधन नहीं होने से लोगों को रोजाना जद्दोजहद करनी पड़ रही है. शहरी क्षेत्र में भूगर्भ का जल स्तर काफी नीचे चला गया है.

निगम क्षेत्र के अधिकतर इलाकों में चापाकल के हैंड पंप भी गिरते जल स्तर के कारण इस कदर थक चुके हैं कि, वह भी जवाब दे चुके हैं. कुओं के पानी से काम चलाने वाला शहर का बड़ा तबका अब पानी की सप्लाई, टैंकर या बोरिंग के भरोसे टिका हुआ है. पानी के लिए रोजाना सप्लाई नल और टैंकरों के पास लगने वाली कतारों की तस्वीरें डरा देने वाली हैं. अगर, समय रहते जल संकट के समाधान पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाली पीढ़ी को इससे भी अधिक कष्ट झेलना पड़ेगा.

कहीं 100 फीट पर ही आ जा रहा पानी, तो कहीं हजार फीट तक सूखा

शहर के अधिकतर इलाके सूखा प्रभावित हो चुके हैं. लगभग हर मोहल्ले में लोगों इस संकट का सामना करना पड़ रहा है. नगर निगम से पर्याप्त जलापूर्ति नहीं होने के कारण लोगों को बोरिंग कराना पड़ रहा है. मगर, बोरिंग कराने पर भी कहीं 100-200 सौ फीट पर पानी मिल जाता है, तो कहीं, हजार फीट में भी पानी नहीं मिल रहा है. एक ही वार्ड के अलग-अलग मुहल्लाें में पानी की अलग-अलग स्थिति है.

नलों में पानी की सप्लाई शुरू होते ही लग जाती हैं कतारें

शहर में लोगों की दिनचर्या पानी पर ही टिकी हुई है. लोग अपना काम काज छोड़ कर सबसे पहले पानी की व्यवस्था में जुट जाते हैं. नलों पर पानी की सप्लाई शुरू होने की सूचना मिलते ही बड़ों से लेकर बच्चे तक डिब्बे लेकर पानी के लिए कतारों में लग जाते हैं. इस दौरान ऑफिस, दुकानें, रोजगार सब छोड़ कर लोगों की प्राथमिकता घरों के लिए पानी की व्यवस्था करनी हो जाती है. कई वार्डों के लोग सुबह उठते ही पानी की खोज में एक इलाके से दूसरे इलाके की ओर निकल पड़ते हैं.

पानी खरीदने में ही चला जाता है कमाई का एक हिस्सा

देवघर में जल संकट की विभीषिका का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लोगों ने घरों में पानी की व्यवस्था पनभरा रखे हुए हैं. घरों में पानी पहुंचाने के बदले में लोगों को इन्हें पैसे भी चुकाने पड़ते हैं. वहीं, कई लोग वाटर प्लांट वालों से पानी का जार खरीद रहे हैं. लोगों की कमाई का एक हिस्सा पानी खरीदने में ही चला जाता है.

टैंकर आते ही पानी के लिए मच जाती है होड़

मोहल्लों में पानी उपलब्ध कराने के लिए टैंकर के आते ही घरों से जार-डिब्बे लेकर लोग दौड़ पड़ते हैं. कतार में अक्सर पानी लेने को लेकर होड़ मची रहती है. इस दौरान कई बार कहासुनी की भी नौबत आ जाती है.

यह क्षेत्र है ड्राई जोन

बैद्यनाथ लेन, सरदार पंडा लेन, श्रृंगारी गली, मेघलाल पुरी लेन, कचौड़ी गली, शिवगंगा लेन, खुशी दत्त द्वारी लेन, गोविंद खवाड़े लेन, चक्रवर्ती लेन, बमबम बाबा पथ, बिलासी, पं बीएन झा पथ, हनुमान टिकरी, विलियम्स टाउन, करनीबाग, जागृति नगर, बजरंग कॉलोनी, ज्योति नगर, ब्रह्मऋषि कॉलोनी, आजाद नगर, कुंडा, सतसंग, बेला बागान, जसीडीह का अधिकांश क्षेत्र

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क्या कहते हैं निगम क्षेत्र के लोग

मेरी गली में आज तक सप्लाई वाटर नहीं आया है. पानी पाइप भी नहीं बिछा है. हर जगह आग्रह कर थक गये. आर्थिक क्षति उठा कर पानी खरीद कर पीते हैं- रुद्र शंकर शर्मा, खपरोडीह रामपुर वार्ड 26

पानी की घोर समस्या है. सप्लाई वाटर नियमित रूप से नहीं मिलता है. जार का पानी खरीद कर पीते हैं. घर पर यजमान ठहरने पर पानी खरीद कर पिलाना पड़ता है- नारायण मिश्रा बमबम बाबा पथ, वार्ड 18

नल-जल कनेक्शन लेकर ठगा महसूस कर रहे हैं. 235 रुपये प्रतिमाह देना पड़ रहा है. एक माह में मुश्किल से छह दिन पानी आता है. वह भी 10 मिनट बाद चला जाता है- ममता सिंह, तिवारी चौक वार्ड 18

सप्लाई वाटर का कनेक्शन लिया हूं. हर माह पैसे का भुगतान करता हूं. इसके बाद भी टैंकर से पानी मंगा कर काम चलाना पड़ रहा है. इससे जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है- रंगनाथ प्रसाद, सेवानिवृत्त शाखा प्रबंधक, रामचंद्रपुर वार्ड 5

मुहल्ले के लगभग 25 घरों का कुआं व चापाकल का पानी सूख गया है. एक सप्ताह में एक दिन निगम से टैंकर आता है. मुहल्ले के सभी लोग प्राइवेट टैंकर से पानी खरीद कर पीते हैं- बाल गोविंद सिंह प्राइवेट स्कूल के शिक्षक वार्ड 5

सप्लाई वाटर मिलने का उम्मीद ही छोड़ दिये हैं. इससे टेंशन कम रहता है. घर में कुआं है. इससे काफी राहत मिलती है. पीने के लिए पानी खरीदना ही पड़ता है- गिरीश गुप्ता, सेवानिवृत्त पोस्टमास्टर, जनकपुर वार्ड नं 24

सप्लाई वाटर नियमित रूप से नहीं मिलता है. पानी पीने के लिए हर दिन पानी का जार खरीदना पड़ता है. पानी नहीं रहने पर काफी परेशानी उठानी पड़ती है- मालती देवी, ठाकुर गली वार्ड 30

मुहल्ला सूखा प्रभावित है. यहां सप्लाई वाटर की घोर किल्लत है. पानी के बिना हर काम प्रभावित हो जाता है. जार खरीद कर पानी पीते हैं- उमा शंकर नरौने, वार्ड 20

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