बड़ी प्रतिमा नहीं होने से शंकर अखाड़ा नहीं निकालेगा जुलूस

Edited by SHAILESH
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1932 में स्थापित किया गया था शंकर अखाड़ा

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देवघर . रविवार को राम नवमी मनाया जायेगा. इस अवसर पर शहर व ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में हजारों हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा होगी. बाबा मंदिर स्थित भगवान राम सहित हनुमान की भी पूजा का आयोजन होगा. रामनवमी को लेकर शहर के प्रमुख अखाड़ों में भी तैयारी की जा रही है. प्राइवेट बस स्टैंड के निकट 1932 में स्थापित शंकर अखाड़ा में भी पूजा की जायेगी. इसके लिए तैयारी की जा रही है. अखाड़ा के संरक्षक विक्रम जयसवाल ने बताया. कि अखाड़ा की स्थापना उनके दादा शिव शंकर राउत उर्फ शंकर पहलवान ने की थी. उस समय यहां सैंकड़ों की संख्या में पहलवान कुश्ती, लाठी बरछी भाला आदी चलाने के लिए शिक्षा ग्रहण हेतु आया करते थे. राम नवमी पर यहां से विशाल व भव्य जुलूस और पूजा पाठ का आयोजन होता था. लेकिन नये जमाने में युवाओं का रुझान जिम की ओर ज्यादा बढ़ा है और नयी पीढ़ी अखाड़ों के बजाय वहां पसीना बहाते हैं, जिसके कारण अब अखाड़ों में वह रौनक नहीं रही. बताया कि अखाड़ा की दीवार, शेड आदी का हाल भी जर्जर हो गया. शेड के जर्जर होने के कारण बारिश में पानी टपकन से हनुमान जी की प्रतिमा बदरंग हो गयी. इस कारण विगत 10 सालों से जुलूस का आयोजन नहीं हो रहा है.

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