गौ माता के शरीर में 33 कोटि देवताओं का है निवास : गौरांगी गौरी

सारवां के डकाय दुबे बाबा मंदिर परिसर में प्रवचन का आयोजन
सारवां. प्रखंड क्षेत्र स्थित डकाय दुबे बाबा मंदिर परिसर में आयोजित श्री श्री 1008 महालक्ष्मी यज्ञ के अवसर पर भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित हो रही है. इस धार्मिक आयोजन में प्रख्यात कथा वाचिका पूज्या पंडित गौरांगी गौरी के प्रवचन को सुनने के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. कथावाचिका ने गौ माता की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक गाय की सेवा अवश्य करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि गौ माता साक्षात कामधेनु स्वरूपा हैं, जो मानव जीवन का पोषण करती हैं और श्रद्धा व भक्ति से सेवा करने पर मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सच्चे मन से गौ सेवा करने वालों पर बुद्धि, विद्या और लक्ष्मी की विशेष कृपा होती है. उन्होंने कहा कि गौ माता की रक्षा करना किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है. उन्होंने धार्मिक मान्यताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्री नारायण, भगवान श्री कृष्ण और भगवान श्री राम ने भी विभिन्न अवतारों में गौ सेवा का महत्व बताया है. साथ ही भगवान परशुराम द्वारा गौ रक्षा के लिए परशु उठाने का उदाहरण भी प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि गाय के गोबर में माता लक्ष्मी का निवास माना जाता है तथा एक गाय के शरीर में 33 कोटि देवताओं का वास होता है. उन्होंने श्रद्धालुओं को शनिवार के दिन गाय को गुड़ और चना खिलाने की परंपरा का महत्व बताते हुए कहा कि इससे शनि की कुदृष्टि दूर होती है. कार्यक्रम के दौरान भगवान श्री राम कथा की संगीतमय प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भक्ति भाव में सराबोर कर दिया। आयोजन की व्यवस्था में यज्ञ समिति डकाय के सदस्य व पुलिस के जवान सक्रिय रूप से जुटे रहे.
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