मधुपुर को 30 मेगावाट की आवश्यकता, ग्रिड से मात्र 15-16 मेगावाट की हो रही आपूर्ति

बिजली की कटौती से लोग परेशान
मधुपुर. बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की कटौती से लोग परेशान हैं. रविवार शाम से ही शहर व ग्रामीण क्षेत्र में रोटेशन के आधार पर एक-एक घंटा बिजली आपूर्ति की जा रही है. शहर व ग्रामीण क्षेत्र को निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति किये जाने के लिए कम से कम 30 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है. पर रविवार से पाहड़पुर स्थित पावर ग्रिड द्वारा 15-16 मेगावाट बिजली दिये जाने के कारण रोटेशन के आधार पर शहर व ग्रामीण फीडर में एक-एक घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है. इस भीषण गर्मी में नियमित बिजली आपूर्ति नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है. इस गर्मी में महिलाओं समेत बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बिजली नहीं रहने के कारण सरकारी समेत निजी कार्य करने में भी दिक्कत हो रहा है.
क्या कहते हैं पदाधिकारी
पावर ग्रिड को ही एनटीपीसी से कम बिजली दी जा रही है. जिस कारण मधुपुर के पटवाबाद, गडिया, जगदीशपुर व कानो पावर सब स्टेशन को 15-16 मेगावाट बिजली आपूर्ति हो रही है. जिस कारण शहर व ग्रामीण फीडर में एक- एक घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है. जबकि शहरी व ग्रामीण फीडर में फुल लोड के लिए 30 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है.– दीपक कुमार,
सहायक अभियंता, बिजली विभागडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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