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Deoghar News : नये साल में सदर अस्पताल में इलाज से महंगा होगा पार्किंग शुल्क

Updated at : 27 Dec 2024 2:01 AM (IST)
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Deoghar News : नये साल में सदर अस्पताल में इलाज से महंगा होगा पार्किंग शुल्क

नये साल में सदर अस्पताल में इलाज कराने के लिए आने वाले लोगों को इलाज से अधिक पार्किंग शुल्क में खर्च करने होगी. इसके लिए अस्पताल प्रबंधन की ओर से टेंडर की प्रक्रिया की जा रही है. इसके तहत वाहन से सदर अस्पताल आने वाले मरीज व उनके परिजनों को पार्किंग शुल्क के रूप में 10 रुपये से लेकर 100 रुपये तक चुकाना होगा,

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राजीव रंजन, देवघर : नये साल में सदर अस्पताल में इलाज कराने के लिए आने वाले लोगों को इलाज से अधिक पार्किंग शुल्क में खर्च करने होगी. इसके लिए अस्पताल प्रबंधन की ओर से टेंडर की प्रक्रिया की जा रही है. इसके तहत वाहन से सदर अस्पताल आने वाले मरीज व उनके परिजनों को पार्किंग शुल्क के रूप में 10 रुपये से लेकर 100 रुपये तक चुकाना होगा, जबकि सदर अस्पतालों की ओपीडी में इलाज के लिए मरीजों को 10 रुपये की पर्ची लेनी होती है. सदर अस्पताल परिसर में पार्किंग शुल्क लेने का निर्णय कुछ माह पहले अस्पताल प्रबंधन समिति की बैठक में लिया गया था. इसके बाद कुछ माह तक अस्पताल प्रबंधन खुद पार्किंग शुल्क वसूल रहा था. इस दौरान दोपहिया वाहनों से पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाता था. इस बार अस्पताल प्रबंधन इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया करा रही है तथा टेंडर लेने वाला सभी वाहनों से पार्किंग शुल्क वसुलेगा. इस संबंध में लोगों का कहना है कि सदर अस्पताल में इलाज के लिए गरीब लोग आते हैं, जो दवा भी फ्री में लेने के लिए काफी समय तक लाइन में खड़े रहते हैं. ऐसे में पार्किंग शुल्क वसूलने से मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा.

10 से 100 रुपये तक लिया जायेगा पार्किंग शुल्क

सदर अस्पताल में पार्किंग शुल्क के लिए अस्पताल प्रबंधन की ओर से टेंडर की प्रक्रिया की जा रही है. इसमें हरेक वाहन से 24 घंटे के लिए दर तय किया गया है. इसमें एबुलेंस के लिए 100 रुपये, ऑटो और टोटो के लिए 50 रुपये, चारपहिया वाहन के लिए 20 रुपये और मोटरसाइकिल के लिए 10 रुपये पार्किंग शुल्क तय किया गया है, जिसे टेंडर के बाद वाहन मालिकों से वसूला जायेगा. ऐसे में मरीज को सदर अस्पताल इलाज के लिए आने पर पर्ची के पैसे के साथ पार्किंग शुल्क भी देना है.

मरीजों पर बढ़ेगा अतिरिक्त बोझ

सदर अस्पताल में पार्किंग शुल्क के लिए अस्पताल प्रबंधन की ओर से ट्रेंडर की प्रक्रिया करायी जा रही है. इस टेंडर के बाद नये वर्ष से पार्किंग शुल्क वसूलने की संभावना है. इस आर्थिक बोझ मरीजों पर पड़ेगा. ऑटो, टोटो और एंबुलेंस चालक पार्किंग शुल्क का भार मरीज पर लाद देंगे तथा मरीजों को ही उक्त वाहन का भाड़ा अधिक देना होगा.

मरीजों को गेट पर ही छोड़ जायेंगे ऑटो-टोटा चालक

सदर अस्पताल में पार्किंग शुल्क लेने की शुरुआत होने के बाद यदि मरीज पार्किंग शुल्क देने से इनकार करता है, तो ऑटो, टोटा और एंबुलेंस चालक मरीज को अस्पताल के मुख्य गेट पर ही छाेड़ कर चले जायेंगे. ताकि उन्हें परिसर में घुसने पर शुल्क नहीं देना पड़े. इससे मरीजों को काफी परेशानी होगी. उन्हें अस्पताल के गेट से पैदल ही इलाज के लिए ओपीडी तक जाना होगा. खासकर गंभीर बीमार या घायल मरीजों को अधिक परेशानी होगी. यदि मरीज पार्किंग का अतिरिक्त बोझ़ उठाने को तैयार होंगे, तो मरीज को अस्पताल के अंदर तक वाहन चालक ले जायेंगे.

संताल परगना के किसी भी सरकारी अस्पताल में नहीं लगता है पार्किंग शुल्क

सदर अस्पताल में पार्किंग शुल्क लेने के लिए निर्णय कुछ माह पहले अस्पताल प्रबंधन की बैठक में लिया गया था, ताकि सदर अस्पताल के राजस्व काे बढ़ाया जा सके. दूसरी ओर संताल परगना के किसी भी जिले के सदर अस्पताल व जिला अस्पतालों में वाहनाें का पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाता है. ऐसे में अस्पताल प्रबंधन के इस निर्णय पर सवाल उठ रहे हैं. संताल परगना के जिलों दुमका, गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़ और जामताड़ा समेत धनबाद जिले के सदर अस्पताल में वाहनों का पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाता है.

… तो क्या अब कोर्ट, नगर निगम, समाहरणालय में भी देना होगा पार्किंग शुल्क

सदर अस्पताल में गरीब-असहाय से पार्किंग शुल्क वसूलने के निर्णय के बाद यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या अब कोर्ट परिसर, नगर निगम तथा समाहरणालय परिसर जैसे सार्वजनीक स्थान पर आने वाले लोगों से पार्किंग शुल्क वसूला जायेगा. इन सरकारी दफ्तरों में प्रतिदिन सैकड़ों लोग पहुंचते हैं. इनमें अमीर-गरीब सभी तबके के लोग होते हैं. गरीबों से अगर पार्किंग शुल्क वसूला जाता है, तो उन पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा.

एंबुलेंस चालकों ने किया विरोध

सदर अस्पताल से चलने वाले निजी एंबुलेंस चालकों ने भी गुरुवार को विरोध जताया. एंबुलेंस चालक रमेश झा, सुशील कुमार सिंह, मनोज कुमार, रोशन सिंह, बबलू कुमार, प्रह्लाद सिंह, शंकर मंडल, पप्पू झा समेत अन्य चालकों ने कहा कि पूर्व सिविल सर्जन ने जिला प्रशासन को बरगला कर प्रबंधन समिति से यह निर्णय पास कराया है. इसके बाद से अस्पताल परिसर से पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है, जो गलत है. किसी भी अस्पताल में पार्किंग नहीं लगता है. खासकर एंबुलेंस का तो कहीं नहीं शुल्क देना पड़ता है. जबकि देवघर में एंबुलेंस का 100 रुपये पार्किंग शुल्क लिया जा रहा है. हम शुल्क नहीं देंगे. हम एंबुलेंस काे बाहर लगायेंगे, ताकि मरीजों को सेवा दी जा सके. मरीजों को अस्पताल के गेट के बाहर से लेकर जायेंगे और वहीं छाेड़ेंगे. मरीज को कुछ परेशानी होगी, तो इसकी जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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