देवघर : लोगों की सुविधा के लिए बने मॉड्यूलर टाॅयलेटों में लटके हैं ताले, करोड़ों रु खर्च के बाद भी बेकार
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 19 Dec 2023 3:10 AM
करोड़ की लागत से बना मॉडयूलर टॉयलेट देख-रेख के अभाव में कबाड़ बनता जा रहा है. लोगों को शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक शौचालय में पानी का टंकी लगाया गया था.
देवघर : स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निगम क्षेत्र में निर्मित मॉड्यूलर टॉयलेट सरकारी राशि की बर्बादी की कहानी बन कर रह गया है. मॉड्यूलर के नाम पर करोड़ों की राशि बहा दी गयी. करोड़ खर्च कर बनाया गया यह टॉयलेट बेकार साबित हो रहा है. इस पर न तो निगम का ध्यान है और न ही आम लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं. निगम सूत्रों से जानकारी के अनुसार वर्ष 2017-18 में बने अधिकांश टॉयलेट कबाड़ में तब्दील हो गये हैं. सेप्टिक पेन से लेकर टॉयलेट में लगा पानी टंकी तक गायब हो चुका है, जो है उसमें न तो पानी की व्यवस्था है और ही सफाई का इंतजाम, ऐसी स्थिति लोग उसका इस्तेमाल करें तो कैसे. ये बड़ा सवाल है ? निगम अंतर्गत शहरी क्षेत्र में तीन फेज में कुल 40 मॉड्यूलर टॉयलेट का निर्माण किया गया था. इनमें से अधिकांश ऐसे टॉयलेट है जहां साफ-सफाई के अभाव में गंदगी पसरी हुई है. वहीं शेष ऐसे भी हैं जिसका ताला बंद पड़ा हुआ है, जबकि इनको बने पांच से छह छह वर्ष की ही समय बीता है. शहर के समाहरणालय के समीप जहां हर दिन हजारों लोगों का आना-जाना होता है. महिला, पुरुष सभी अपने-अपने काम से इस स्थल से होकर गुजरते हैं. यहां आने वाले लोगों के लिए एक मॉड्यूलर टॉयलेट बनाया गया है. मगर उसमें ताला लगा हुआ है. वहीं आरडी बाजला महिला कॉलेज के समीप भी उस समय ही एक मॉड्यूलर टॉयलेट का निर्माण कराया गया था, लेकिन आज उसके बैठने वाले पेन में बड़ा सा पत्थर डाल कर बंद कर दिया गया है. पानी के लिए लगे टंकी में पानी तो है ही नहीं. वहीं, श्यामगंज रोड स्थित इलेक्ट्रिक सामग्री बेचने वाले प्रतिष्ठानों के सामने एक मॉडयूलर टॉयलेट का निर्माण कराया गया था. उसमें अभी तक ताला नहीं खुला है. इसके अलावा शंख मोड़ पर टॉयलेट तो बना मगर पानी के अभाव में उसका उपयोग करने वाला कोई नहीं है. हालांकि नाम न छापने की शर्त पर निगम के एक अफसर का कहना है कि पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण चालू नहीं किया गया है.
करोड़ की लागत से बना मॉडयूलर टॉयलेट देख-रेख के अभाव में कबाड़ बनता जा रहा है. लोगों को शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक शौचालय में पानी का टंकी लगाया गया था. टू सीटर में दो तो फोर सीटर में चार-चार टंकी लगाई गई थी. छह साल पूर्व बने 40 में से करीब 10 टॉयलेट की पानी टंकी और नल चोर गायब कर चुके है. चोरों ने टंकी चोरी करने के लिए ऐसे टॉयलेट का चयन किया जहां शहरी आबादी हर वक्त मौजूद नहीं रहती और लोगों का दिन के बाद आना-जाना कम ही होता है. वहीं अलग- अलग वार्डों में ऐसे कई टॉयलेट देखने को मिला जिसमें पानी टंकी से लेकर नल तक गायब है. श्यामगंज रोड, बाजला चौक इलाके में लगने के बाद ही टंकीको गायब कर दिया गया. टंकी गायब होने की शिकायत निगम भी पहुंची, लेकिन अफसरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया.
नगर निगम की ओर से टावर चौक पर भी दो-दो मॉडयूलर टॉयलेट निर्माण कराया गया था. मगर सड़क की चौड़ाई व शहर की सौंदर्यता को प्रभावित करने वाले लाखों से बने इन टॉयलेट को हटा दिया गया. आज समस्या इतनी विकराल हो गई है कि यदि आप परिवार के साथ टावर चौक या मुख्य बाजार में खरीदारी के लिए पहुंचे हैं अौर आपको टॉयलेट लग गया तो आप जगह ढूंढ़ते रह जायेंगे या फिर अपने घर या उचित स्थान पर जाकर ही आप निवृत हो सकते हैं. निगम ने इस पर विचार ही नहीं किया.
क्या कहते हैं निगम के स्वच्छता प्रभारी
देवघर के नगर निगम स्वच्छता प्रभारी प्रकाश मिश्रा ने कहा कि एक माह पहले ही निगम में मुझे स्वच्छता का प्रभार मिला है, जबकि पांच-छह साल पहले शहर में 40 मॉड्यूलर टॉयलेट का निर्माण कराया गया था. उसके बाद दो-तीन प्रभारी बदल गये. फिलहाल निगम की ओर से 20 व शेष अन्य संस्था मेंटेनेंस करती है. इस विषय में फिलहाल मुझे बहुत जानकारी नहीं है.
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