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Shravani Mela 2023 LIVE: श्रावणी मेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए CRPF, NDRF व महिला बटालियन तैनात

Published at :05 Jul 2023 8:35 PM (IST)
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Shravani Mela 2023 LIVE: श्रावणी मेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए CRPF, NDRF व महिला बटालियन तैनात

झारखंड के देवघर स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंगों में एक है बाबाधाम. इसे मनोकामना लिंग भी कहते हैं. कहते हैं कि यहां आकर भक्त जो मांगता है, भगवान भोलेनाथ उसे जरूर पूरी करते हैं. देवघर में हर साल श्रावणी मेला लगता है, जो एक माह तक चलता है. देश भर से लाखों श्रद्धालु बाबा का जलाभिषेक करने आते हैं. इस साल मलमास की वजह से श्रावण मेला दो माह का है. बाबाधाम की तरह दुमका स्थित बासुकीनाथ मंदिर भी प्रसिद्ध है. देवघर आने वाले श्रद्धालु बासुकीनाथ जरूर जाते हैं. बासुकीनाथ को फौजदारी बाबा भी कहा जाता है. श्रावणी मेला 2023 से जुड़ी हर खबर के लिए बने रहें हमारे (prabhatkhabar.com) के LIVE सेक्शन में..

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श्रावणी मेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ, एनडीआरएफ व महिला बटालियन तैनात

देवघर में श्रावणी मेले में रविवार, सोमवार और मंगलवार को अप्रत्याशित भीड़ होने की संभावना को देखते हुए डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने अधिकारियों के साथ गोपनीय शाखा में बैठक की. उन्होंने अधिकारियों व दंडाधिकारियों को निर्देश दिया कि मेले के दौरान रवि, सोम व मंगल को विशेष सावधानी बरतें. सभी 24×7 एक्टिव रहें. उन्होंने निर्देश दिया कि बाबा बैद्यनाथ मंदिर के निकास द्वार में सीआरपीएफ के जवान तैनात रहेंगे. डीसी ने कहा कि भयमुक्त होकर कांवरिया बाबाधाम आयें, उनकी सुरक्षा और सुविधा के लिए संपूर्ण मेला क्षेत्र में सीआरपीएफ, एनडीआरएफ, महिला बटालियन, झारखंड जगुआर सहित अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गयी है.

कल से शिवगंगा में लेजर शो के माध्यम से दिखेगा बाबा मंदिर का इतिहास

झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा गुरुवार से शिवगंगा में लेजर लाइट शो के माध्यम से बाबा मंदिर का इतिहास और आसपास के पर्यटन स्थलों की जानकारी दी जायेगी. इसके लिए शिवगंगा की सफाई व विद्युत व्यवस्था के साथ प्रोजेक्टर लगाने का काम चल रहा है. इस वाटर प्रोजेक्टर को शिवगंगा में लगाने के लिए दिल्ली से टीम आयी है. टीम के एक सदस्य ने बताया कि इस वाटर प्रोजेक्टर को शिवगंगा के बीच में लगाया जायेगा और उसमें शिवगंगा, बाबा मंदिर सहित 22 मंदिरों, शिवलिंग की स्थापना व आसपास के पर्यटन क्षेत्रों के इतिहास को लेजर लाइट के माध्यम से दिखाया जायेगा.

सावन के दूसरे दिन सुल्तानगंज से 50 हजार कांवरिया चले बाबाधाम

श्रावणी मेला के दूसरे दिन बुधवार को सुल्तानगंज के पवित्र उत्तरवाहिनी गंगा तट से लगभग 50 हजार कांवरिया गंगा जल लेकर बाबाधाम को रवाना हुए. उधर, गंगा के जलस्तर में वृद्धि जारी है. सुबह से गंगा घाट से कांवरिया पथ पर बोलबम की गूंज से पूरा माहौल शिवमय बना रहा. सरकारी आंकड़े के मुताबिक, 338 डाक बम में चार महिला हैं, जो बाबाधाम चली हैं.

शीघ्र दर्शन काउंटर खुलने का समय बदला

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को लेकर डीसी मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर गुरुवार से सुबह 5 से शाम 6 तक शीध्र दर्शन टिकट की बिक्री का निर्णय लिया गया. दो पालियों में शीध्र दर्शन काउंटर का संचालन किया जायेगा, जिसमें प्रथम पाली सुबह 5 बजे से दोपहर 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 12 से शाम 6 बजे तक होगी, ताकि श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन व पूजन में कोई परेशानी न हो श्रद्धालु सुखद अनुभूति लेकर लौटें.

पार्वती मंदिर के बाहर भी अरघा की व्यवस्था

देवघर श्रावणी मेले के दौरान बाबा मंदिर के बाद अब पार्वती मंदिर में भी भक्तों की सुविधा को देखते हुए बाह्य अरघा की व्यवस्था की गयी है. पार्वती मंदिर में लंबी कतार से बचने एवं बीमार व बुजुर्ग के अलावा बच्चों के लिए ये कारगर व्यवस्था है. अरघा मंदिर के मुख्य दरवाजे पर होगा. कांवरिया इसमें अपना जल डाल सकेंगे. हर आधे घंटे में बाह्य अरघा के पात्र में जमा गंगाजल को मंदिर प्रशासन की ओर माता के मंदिर में जाकर उनकी प्रतिमा पर अर्पित कर दिया जायेगा.

गया-जसीडीह-गया श्रावणी मेला स्पेशल का बड़हिया स्टेशन पर अतिरिक्त ठहराव

रेलवे ने तत्काल प्रभाव से 03698/03697 गया-जसीडीह-गया श्रावणी मेला स्पेशल का बड़हिया स्टेशन पर अतिरिक्त ठहराव देने का निर्णय लिया है. 03698 गया-जसीडीह स्पेशल और 03697 जसीडीह-गया स्पेशल 02:15 बजे बड़हिया स्टेशन पहुंचेगी. और 10:21 बजे, क्रमश: ट्रेन बड़हिया स्टेशन पर दो (2) मिनट के लिए रुकेगी.

श्रावणी मेले के दूसरे दिन फौजदारी दरबार में 31 हजार श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण

विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव 2023 के दूसरे दिन बुधवार को 31 हजार कांवरियों ने बाबा बासुकीनाथ का जलाभिषेक कर स्पर्श पूजन किया. ब्रह्म मुहूर्त में करीब 2:53 बजे मंदिर का पट खुला. सरकारी पूजा के बाद साढ़े चार बजे से हर-हर महादेव, जय बाबा फौजदारीनाथ, बोल बम के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान रहा. देवतुल्य श्रद्धालुओं ने बाबा पर जलार्पण शुरू किया.

सड़क दुर्घटना में छत्तीसगढ़ के छह कांवरिये घायल, एक रेफर

बाबा बैद्यनाथ को जल चढ़ाने के लिए झारखंड आये छत्तीसगढ़ के छह कांवरिये घायल हो गये हैं. इनमें एक को रेफर किया गया है. सुईया थाना क्षेत्र के गडुआ पुल के समीप स्पीड ब्रेकर पर पिकअप वैन के डाला की रस्सी टूट गयी, जिसकी वजह से कांवरिये सड़क पर गिर गये. इन कांवरियों ने रस्सी का सहारा ले रखा था. उसके टूटने के बाद सभी गिर गये. ये सभी कांवरिये छत्तीसगढ़ के रायपुर और बेमेतरा जिले के रहने वाले हैं.

बाबाधाम के बाद बासुकीनाथ धाम की यात्रा जरूरी

देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम की तरह दुमका का बासुकीनाथ मंदिर भी प्रसिद्ध है. कहा जाता है कि बाबाधाम दीवानी न्यायालय है और बासुकीनाथ हाईकोर्ट. अगर बाबाधाम में आपकी मनोकामना पूरी नहीं होती, तो बासुकीनाथ में अर्जी लगानी पड़ती है. इसलिए कांवर लेकर देवघर आने वाले श्रद्धालु बासुकीनाथ की भी यात्रा जरूर करते हैं. वहां बाबा बासुकीनाथ और मां पार्वती को जलार्पण करने के बाद ही कांवर यात्रा पूरी मानी जाती है. बाबाधाम की तरह बासुकीनाथ धाम में श्रावणी मेला लगता है.

बाबाधाम में पूरी होती है सभी मन्नतें

झारखंड के देवघर में स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम द्वादश ज्योतिर्लिंगों में एक है. यह एकमात्र ऐसा ज्योतिर्लिंग है, जो शक्तिपीठ भी है. यानि एकमात्र ऐसा धाम जहां शिव और शक्ति दोनों एक साथ विराजमान हैं. इसे शिव और शक्ति का मिलन स्थल भी कहा जाता है. कहते हैं कि बाबा धाम आने वाले भक्तों की सभी मन्नतें जरूर पूरी होती है. यहां मनोकामनाएं पूरी होने के कारण मंदिर में स्थापित शिवलिंग को कामना लिंग भी कहा जाता है. सावन के महीने में बिहार के भागलपुर जिला में स्थित सुल्तानगंज की उत्तर वाहिनी गंगा से भक्त गंगाजल लेकर कांवर उठाते हैं और बोल बम, बोल बम करते हुए पैदल देवघर तक 107 किलोमीटर की कांवर यात्रा करके देवघर स्थित बाबाधाम में बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करते हैं. इस दौरान भक्त सात्विक भोजन करते हैं और दिन-रात बाबा की भक्ति में बिताते हैं. देवघर में हर साल एक महीने का श्रावणी मेला लगता है, जिसमें देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु बाबा का जलाभिषेक करने आते हैं. अधिकमास या मलमास होने पर श्रावणी मेला दो महीने का हो जाता है. इस साल भी मलमास के कारण श्रावणी मेला दो महीने तक चलेगा.

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