अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ एक साहसिक क्रांति थी हूल : घनश्याम

Author Balram
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अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ एक साहसिक क्रांति थी हूल : घनश्याम

नगर पुस्तकालय में समारोह पूर्वक मनाया गया हूल दिवस

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मधुपुर. शहर के श्यामा प्रसाद मुखर्जी उच्च विद्यालय परिसर स्थित नगर पुस्तकालय में सोमवार को समारोह पूर्वक हूल दिवस मनाया गया. मौके पर पुस्तकालय अध्यक्ष घनश्याम, सचिव पंकज पीयूष, डॉ कैलाश प्रसाद राउत समेत छात्र-छात्राओं ने सिदो कान्हू की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया. पुस्तकालय अध्यक्ष घनश्याम ने कहा कि 30 जून 1855 को भोगनाडीह साहिबगंज, झारखंड से शुरू हुआ संथाल विद्रोह अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ एक साहसिक क्रांति थी. इस क्रांति में 15 हजार लोगों ने अपना बलिदान दिया था. हूल क्रांति के परिणाम स्वरूप संथाल परगना टेंडेंसी एक्ट अपने अस्तित्व में आया. हूल दिवस पर वीर सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो और सभी अमर बलिदानियों को सादर नमन करते हैं. इनके साहस और बलिदान को राष्ट्र सदैव याद रखेगा.

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