समता मूलक समाज के लिए आंबेडकर के संदेश महत्वपूर्ण : प्रधानाध्यापक

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मधुपुर के स्थानीय मुनि सरस्वती शिशु विद्या मंदिर परिसर में डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती समारोह पूर्वक मनाया

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मधुपुर. स्थानीय मुनि सरस्वती शिशु विद्या मंदिर परिसर में सोमवार को डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती समारोह पूर्वक मनाया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य मदन मोहन मिश्रा व प्रभारी प्रधानाचार्य शिवनाथ झा ने डॉ आंबेडकर की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर किया. वहीं, प्रधानाचार्य मदन मोहन मिश्रा ने कहा कि उनके जैसा व्यक्तित्व विरले होते हैं. उन्होंने अपने संघर्ष से व्यक्तित्व को निखारा और भारत रत्न बने. आज हमें उनके संदेश को अपने जीवन में उतरना चाहिए और एक संतुलित समाज की रचना कर जाति और वर्ग विशेष से ऊपर उठकर देश के कल्याण के लिए कार्य करना चाहिए. विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने डॉ अंबेडकर की जीवनी, उनसे जुड़े प्रेरक प्रसंग, उनके संघर्ष व शिक्षा पर उनके संदेश को दिया. कहा कि उन्होंने जिस तरह समता मूलक समाज की कल्पना की वह निश्चित ही विकसित राष्ट्र की पूंजी है. उनका संपूर्ण जीवन शोषित, दलित, पीड़ित और वंचित लोगों के कल्याण में ही बीता. उन्होंने संविधान निर्माण टोली के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया. उन्हें संविधान शिल्पी के नाम से भी जाना जाता है. शिवनाथ झा ने कहा कि किस तरह आज डॉ आंबेडकर प्रासंगिक है. लेकिन उनके संदेशों का समुचित उपयोग नहीं किया जा रहा. उनके नाम पर राजनीति का बाजार गर्म है. लोग उनके नाम पर समाज को जातियों में बांटकर अपना निजी स्वार्थ साध रहें हैं. मौके पर तनुष्का सिन्हा, रिया कुमारी, प्रिया कुमारी, साक्षी कुमारी समेत दर्जनो छात्र- छात्रा मौजूद थे. कार्यक्रम का संयोजन विनोद कुमार तिवारी व सोनम कुमारी ने किया.

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