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500 बेड के नये अस्पताल के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिला प्रशासन को भेजा प्रस्ताव

Updated at : 04 Dec 2024 10:57 PM (IST)
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500 बेड के नये अस्पताल के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिला प्रशासन को भेजा प्रस्ताव

जिला स्वास्थ्य विभाग ने 500 बेड वाले नये अस्पताल के निर्माण की मांग को लेकर राज्य निदेशालय व जिला प्रशासन के लिए प्रस्ताव भेजा है.

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राजीव रंजन, देवघर. जिले में 500 बेड का अस्पताल बनाये जाने को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से राज्य स्वास्थ्य विभाग को और जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजा गया है. इसके लिए जिले में 25 एकड़ जमीन मुहैया कराने की मांग की है. ताकि 500 बेड का नया भवन बनाया जा सके. इसे लेकर प्रभारी सिविल सर्जन डॉ युगल किशोर चौधरी ने अपने पूर्व कार्यकाल के दौरान जून 2023 में ही जिला प्रशासन और राज्य स्वास्थ्य विभाग को प्रस्ताव भेजा था. इतना ही दुबारा इस प्रस्ताव को जिला प्रशासन और राज्य स्वास्थ्य विभाग को दिया है. ताकि जल्द से जल्द नये भवन बनाने को लेकर अनुमति मिल सके.

25 एकड़ जमीन चाहिए इसके लिए

भेजे गये प्रस्ताव में 500 बेड के लिए करीब 25 एकड़ जमीन की आवश्यकता बतायी गयी है, जिसे मुहैया कराने के बाद फंड के बाद निर्माण कराया जा सकेगा. इसके लिए विभाग को अनुमानित नक्शे को भी भेजा गया है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार तपोवन रोड़ स्थित बन रहे समाहरणालय परिसर में वर्तमान में अस्पताल के लिए काफी खाली स्थान पड़ा हुआ है, यदि जिला प्रशासन की ओर से यहां जमीन को चिह्नित कर मुहैया कराया जाये तो आने वाले दिनों में इस 500 बेड को मेडिकल कॉलेज के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है. इतना ही नहीं यहां आने जाने के लिए भी कभी जाम की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी.

आगामी पांच में इस अस्पताल का उपलब्ध होगी अति आवश्यक

सदर अस्पताल में बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए आने वाले पांच सालों में 100 बेड से विस्तारित करते हुए 500 बेड की अस्पताल की आवश्यकता को प्रस्ताव में दर्शाया गया है, जहां अस्पताल में सभी के लिए अलग वार्ड बन सकेंगे. वर्तमान में सदर अस्पताल के ओपीडी में 500 मरीजों से अधिक आने और सामान्य वार्ड, प्रसव कक्ष, आइसीयू, जेरियेटिक वार्ड, एसएनसीयू , सिजेरियन कक्ष में प्रतिदिन लगभग 250 से अधिक मरीजों के भर्ती होने की बात भी कही गयी है. इसमें देवघर ही नहीं दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, गिरीडीह, के साथ बिहार राज्य के बांका, जमुई के मरीज भी रेफर होकर आते है. इतना ही नहीं श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं के आगमन के दौरान भी काफी परेशानी होती है.

कहते है पदाधिकारी

पूर्व में प्रस्ताव भेजा गया था. फिर से जिला प्रशासन और राज्य स्वास्थ्य विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है. यदि जमीन मुहैया होने के 500 बेड के अस्पताल बनने पर जिले के लोगों को सुविधा मिल सकेगी.

डॉ युगल किशोर चौधरी, प्रभारी सिविल सर्जन, देवघरB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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