पुनासी स्पील-वे का काम फिर बंद

Updated:
विज्ञापन

देवघर : हाइकोर्ट की कड़ी निगरानी के बाद भी वन विभाग की उदासीनता के कारण पुनासी सिंचाई परियोजना का काम फिर से बंद हो गया है. लंबे समय के बाद पिछले दिनों केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से पुनासी में स्टेज-वन फोरेस्ट क्लीयरेंस मिला, लेकिन अब स्टेज-2 का फोरेस्ट क्लीयरेंस बाधा बन गया है. स्टेज-वन […]

विज्ञापन

देवघर : हाइकोर्ट की कड़ी निगरानी के बाद भी वन विभाग की उदासीनता के कारण पुनासी सिंचाई परियोजना का काम फिर से बंद हो गया है. लंबे समय के बाद पिछले दिनों केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से पुनासी में स्टेज-वन फोरेस्ट क्लीयरेंस मिला, लेकिन अब स्टेज-2 का फोरेस्ट क्लीयरेंस बाधा बन गया है.

स्टेज-वन का क्लीयरेंस होने के बाद स्पील-वे के कार्यों में थोड़ी प्रगति तो हुई थी, लेकिन फिर काम बंद हो गया. वन एवं पर्यावरण मंत्रालय भारत द्वारा गठित कमेटी द्वारा स्टेज-वन में प्रथम चरण की स्वीकृति दी जाती है, जबकि दूसरे व अंतिम चरण की स्वीकृति में भूमि का हस्तांतरण, पौधरोपण व कैट (कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट प्लान) के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा राशि उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य है.

पुनासी स्पील-वे का…
साथ ही वन भूमि का प्रयोग करने वाले विभाग से इस पूरे प्रकरण में कुल 31 बिंदुुओं पर अनुपालन प्रतिवेदन वन विभाग द्वारा मांगी जाती है. इस प्रक्रिया में जल संसाधन विभाग ने वन विभाग के सभी 31 बिंदुओं का अनुपालन प्रतिवेदन डीएफओ को सौंप दिया है. बावजूद अब तक स्टेज-2 के फोरेस्ट क्लीयरेंस की प्रक्रिया में तेजी नहीं लायी गयी है.
जल संसाधन विभाग ने वन विभाग को दिये 35.99 करोड़
पुनासी सिंचाई परियोजना के लिए वन विभाग की कुल 291.17 हेक्टेयर वन भूमि के बदले जल संसाधन विभाग ने जिला प्रशासन के माध्यम से 291.46 हेक्टेयर भूमि वन विभाग को उपलब्ध करा दिया है. इस हस्तांतरित वन भूमि पर करीब चार वर्षों से वन विभाग द्वारा पौधरोपण भी किया जा रहा है. स्टेज-टू के अनुपालन के लिए जल संसाधन विभाग ने वन विभाग को वित्तीय वर्ष 2016-17 में कुल 35.99 करोड़ रुपया मुहैया करा दिया है.
इसमें 22 करोड़ रुपये जमीन, 10.67 करोड़ रुपये पौधरोपण व 3.29 करोड़ रुपया कैट(कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट प्लान) के लिए उपलब्ध कराया गया है. वन भूमि को बचाने के लिए सीमांकन मद में जल संसाधन विभाग ने 31 लाख रुपया मुहैया कराया है. अब सवाल उठ रहा है कि वन विभाग को जमीन के बदले जमीन व राशि मुहैया करा दिये जाने के बाद भी इतनी महत्वपूर्ण परियोजना में वन विभाग के स्तर से तेज गति से कागजी प्रक्रिया क्यों पूरी नहीं की जा रही है.
अब स्टेज-2 के फोरेस्ट क्लीयरेंस की बाधा, वन विभाग के पास फाइल लटका
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola