देवघर: चालू वित्तीय वर्ष (2015-16) समाप्त होने में महज नौ दिन शेष है. मगर इससे पहले बकाया बिजली की वसूली को लेकर बिजली विभाग के पदाधिकारियों व कर्मियों की नींद उड़ी हुई है. उन्हें हर हाल में अप्रैल से पहले बकाये बिल कलेक्ट करना है. बकायेदारों में शहर के रसूखदार लोगों के अलावा सरकारी कार्यालय भी शामिल हैं. जो बिल अदा नहीं कर रहे हैं. विभागीय सूत्रों के अनुसार 40 करोड़ रुपये केवल नगर निगम कार्यालय पर बकाया है. इसी प्रकार डीसी अॉफिस, डीडीसी अॉफिस, पीएचइडी कार्यालय आदि पर भी लाखों-करोड़ों रुपये बकाये हैं.
वसूली अभियान के तहत विभाग ने सोमवार को शहर के कास्टर टाउन, करनीबाग, सारवां रोड के समीप, नौलखा के समीप लगभग 40-50 उपभोक्ताअों के लाइन डिस्कनेक्ट कर दिये गये. इससे पूर्व बिजली विभाग की अोर से कई चरणों में बकायेदारों की सूची जारी कर उन्हें 31 मार्च से पहले बकाये बिल का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है. इसमें सबसे पहले पांच हजार से अधिक वालों की सूची जारी की गयी. इसके बाद 50 हजार से अधिक, अब एक लाख रुपये से अधिक बिल बकायेदारों की सूची जारी की गयी है.
सभी बकायेदारों को 31 मार्च से पूर्व बिल का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है. मगर बकायेदारों की संख्या के अनुपात बिल का भुगतान न होने से विभागीय पदाधिकारी कर्मचारियों के साथ डोर टू डोर विजिट कर उपभोक्ता से बिल का भुगतान करने की मांग कर रहे हैं. न देने पर उनकी लाइन डिस्कनेक्ट का काम किया जा रहा है.
कहते हैं अधिकारी
शहर में हजारों की संख्या में उपभोक्ताअों का बिल बकाया है. लेकिन वर्षों से बिल का भुगतान नहीं कर रहे हैं. नगर निगम कार्यालय पर 40 करोड़ का व शहर के सैकड़ों रसूखदारों पर करोड़ों रुपया बिजली विभाग का बकाया है. विभाग ने उन सभी को चिह्नित कर उन्हें नोटिस भेज बिल भुगतान करने का कहा है. भुगतान न करने पर डिस्कनेक्शन की प्रक्रिया चल रही है. आज 40 से अधिक उपभोक्तअों के लाइन काटे गये .
गोपाल प्रसाद, कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल, देवघर.
