मधुपुर : मंगलवार सुबह 8 बजकर पांच मिनट पर आये भूकंप के झटके और जोरदार कंपन से शहर समेत ग्रामीण इलाकों में अफरा-तफरी मच गयी. झटकों के बाद सैकडों घरों में दरार पड़ गयी है.
झटके से सभी स्कूलों में अफरा-तफरी और भगदड मच गयी. भागने के दौरान कई बच्चे को मामूली चोटें आयी है. करीब पांच वर्ष पूर्व करोडों की लागत से बने अनुमंडल व्यवहार न्यायालय परिसर के तीसरे तल के छत का एक हिस्सा भूकंप से झटके से गिर गया. भवन के कई पीलरो में बड़ी-बड़ी दरारें आ गयी है.
वहीं न्यू संत जेवियर्स विद्यालय का शौचालय का एक हिस्सा भूकंप के झटके से गिर गया है.थाना रोड स्थित बड़ी मसजिद से सटे एक भवन का छज्जा टूटकर गिर गया. वहीं मधुपुर के भेड़वा व करौं के मंझियाना में एक-एक खपरैल का घर गिर गया.
कार्मेल स्कूल में भी दरार आ गयी है. भगदड में एक बच्चे का पैर टूट गया. भूकंप के बाद कार्मेल स्कूल, संत जोसेफ स्कूल, शांति निकेतन समेत दर्जन भर से अधिक विद्यालय में तुरंत छुट्टी दे दी गयी. भूकंप के कारण लोगों में दहशत का माहौल रहा. काफी देर तक लोग अपने-अपने घरों से बाहर रहे. बताया जाता है कि आज के भूकंप का केंद्र बिंदु मधुपुर प्रखंड क्षेत्र के जमनी बिल्ली रहा.
सारवां : मंगलवार की सुबह अचानक आये तेज भूकंप के झटके से क्षेत्र में अफरातफरी मच गयी. गडगडाहट के साथ जोरदार भूकंप का झटका आने से लोग हतप्रभ रह गये. भूकंप का हल्ला होने पर लोग अपने घरों से दौड़ कर सड़क पर बाल बच्चों के साथ आ गये.
किसी अनजान अनहोनी की आशंका से भयाक्रांत हो गये. जितनी मुंह उतनी बात लोग इसे प्रकृति का प्रकोप मान रहे थे व अपने इष्टदेव को याद कर रहे थे.
पर्यावरण से छेड़छाड़ पर रोष : भूकंप के झटके के बाद लोगों ने जमकर सरकार काे कोसा. लोगों ने कहा कि पर्यावरण के साथ लगातार छेड़छाड़ का नतीजा है कि भूकंप बार-बार भूकंप दस्तक दे रहा है.
सबों को सचेत होने का इशारा कर रहा है. लोगों ने कहा कि प्रशासन की लापरवाही के कारण जंगलों की कटाई व पहाड़ों के विनाश के कारण ही ऐसे प्राकृतिक आपदा आते हैं. जानकारी के अनुसार, बैजनाथपुर गांव में टेकलू मांझी के घर का दिवार फट गया, उप्रावि कोरडीहा के दीवार में हल्की दरार आ गयी, रतुरा पहारिया में दीवार के गिरने की सूचना है, हालांकि प्रशासन की ओर से इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है.
