देवघर : संताल परगना के सहायक प्रमंडलीय अग्निशमन पदाधिकारी आरके ठाकुर श्रवणी मेला में लगाये गये कई अस्थायी पंडालों की अग्नि-सुरक्षा जांच के लिए पहुंचे. जांच-पड़ताल में उन्होंने पाया कि सभी पंडालों का निर्माण पूरी तरह सिंथेटिक कपड़ों से किया गया है.
अस्थायी पंडाल के निर्माण के संबंध में भारत सरकार के गृह मंत्रलय का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी सूरत में अस्थायी संरचनाओं के निर्माण में सिंथेटिक मटेरियल्स का इस्तेमाल नहीं करना है. इस संबंध में उन्होंने अपने कार्यालय के पत्रंक 103/16/15 के तहत जांच रिपोर्ट देवघर डीसी को भी उपलब्ध करायी है. उक्त रिपोर्ट की प्रतिलिपि उनके द्वारा अग्निशमन डीजीपी सहित देवघर एसपी, एसडीओ व प्रभारी अग्निशमन पदाधिकारी, देवघर कार्यालय को भी भेजी गयी है.
उनके द्वारा दी गयी रिपोर्ट में जिक्र है कि सभी पंडालों में सिंथेटिक कपड़ों से सटाकर बिजली कीलूज वायरिंग की गयी है, जो एक साधारण स्पार्क होने पर विनाशकारी हो सकता है. यह भी जिक्र है कि सुरक्षात्मक तौर पर पंडालों में बिजली वायरिंग पीवीसी पाइप व एमसीवी लगा कर किया जाना चाहिये. नेहरु पार्क छोड़ कर किसी पंडाल में अग्निरोधी यंत्र भी नहीं लगाये गये हैं. नेहरु पार्क के पंडाल में अग्निरोधी यंत्र बिना हुक के कपड़ा -फीता से पोल में बांध दिया गया है, जिसे उन्होंने ठीक करने का निर्देश दिया है,
क्योंकि आपात स्थिति में बिना समय गंवाये हुक से निकाल कर अग्निरोधी यंत्र का उपयोग किया जा सके. जांच रिपोर्ट में यह भी जिक्र है कि पंडालों में लगे अग्निशमन यंत्र के साथ मासव्यापी श्रवणी मेले में चौबीस घंटे ऐसे एक्सपर्ट मौजूद रहें जिन्हें अग्निशमन यंत्र चलाने की जानकारी हो. इसके लिए स्थानीय अग्निशमक कार्यालय से संपर्क कर लोग अग्निशमन यंत्र चलाने की जानकारी भी ले सकते हैं.
