Deoghar News : पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को 25 वर्ष की सश्रम सजा

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Deoghar News : पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को 25 वर्ष की सश्रम सजा

मासूम बच्ची से दुष्कर्म के मामले में दो साल बाद कोर्ट से फैसला आया तथा दोषी पाये गये टुनटुन साह उर्फ कमल किशोर साह को 25 साल की सश्रम सजा सुनायी गयी.

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विधि संवाददाता, देवघर : मासूम बच्ची से दुष्कर्म के मामले में दो साल बाद कोर्ट से फैसला आया तथा दोषी पाये गये टुनटुन साह उर्फ कमल किशोर साह को 25 साल की सश्रम सजा सुनायी गयी. साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर अलग से दो साल की कैद की सजा काटनी होगी. सजायाफ्ता अभियुक्त सारठ थाना क्षेत्र का रहने वाला है और इसके विरुद्ध छह जून 2023 को सारठ थाना में पीड़िता के मां के बयान पर एफआइआर दर्ज हुआ था. इस मामले में शनिवार को सेशन जज तीन सह पॉक्सो एक्ट स्पेशल कोर्ट राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत में पॉक्सो केस संख्या 35/2023 की सुनवाई पूरी की गयी. पश्चात इस कांड के नामजद आरोपित टुनटुन साह उर्फ कमल किशोर साह को दुष्कर्म का दोषी करार दिया गया तथा सजा सुनायी गयी. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से 17 लोगाें ने घटना के समर्थन में अदालत में गवाही दी और दोष सिद्ध करने में सफल रहा. अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक अजय कुमार साह ने पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष को डालसा से अधिवक्ता को नियुक्त किया गया था, लेकिन वह दोषमुक्त कराने में विफल रहा. इस केस में दो साल के बाद पीड़िता को न्याय मिला. क्या था मामला दर्ज मुकदमा के अनुसार, पांच वर्ष की बच्ची अपने घर में थी. गांव में बारात आयी थी और घर से लोग बारातियों के स्वागत के लिए गये थे. घर में सूचक की ननद व उसकी पुत्री अलग-अलग कमरे में थी. इस दौरान अभियुक्त घर में घुस गया और बच्ची को हवस का शिकार बनाया. चीखने चिल्लाने पर सूचक की ननद बाहर निकली, तो वह भाग निकला. पीड़िता की माता के बयान पर केस दर्ज हुआ, जिसमें दुष्कर्म की धारा 376 एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 6 लगायी गयी थी. अदालत ने पॉक्सो एक्ट की धारा 6 में दोषी पाकर उपरोक्त सजा सुनायी व जुर्माना लगाया. जिसे मिली सजा टुनटुन साह उर्फ कमल किशोर साह,सारठ, देवघर. हाइलाइट्स एडीजे तीन सह पॉक्सो एक्ट स्पेशल जज राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत से आया फैसला 06 जून 2023 की रात को घटी थी घटना. दो साल के बाद मिला पीड़िता को न्याय.

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फाल्गुनी मारिक

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By फाल्गुनी मारिक

विगत 32 वर्षों से प्रभात खबर में पत्रकारिता करते आ रहा हूं. विशेष तौर पर कोर्ट से संबंधित खबरों के अलावा श्रावणी विशेषांक -बिल्व पत्र में धार्मिक आलेख लेखन, दुर्गापूजा के अवसर पर निकाली गयी दुर्वाक्षत में धार्मिक लेख लिखने, सामयिक कॉलम कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन का अनुभव है. साथ ही लोक भाषा खोरठा में कविता, कहानी लेखन का अनुभव है. झारखंड अधिविध परिषद रांची के वर्ग अष्टम के पाठ्यक्रम में तथा आचार्य विनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए की कक्षा के पाठ्यक्रम में कविता शामिल हो चुकी है. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां व आलेखों का भी प्रकाशन हो चुका है.

प्रभात खबर में विगत 32 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव. विशेष तौर पर अदालत की खबरों पर पकड़ है. इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं पर आलेख छपते रहा है. बिल्व पत्र श्रावणी विशेषांक में धार्मिक आलेख, सामयिक कॉलम- कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन करते रहे हैं. लोक भाषा खोरठा की जानकारी है एवं इनकी कविता झारखंड अधिविध परिषद में वर्ग अष्टम तथा बिनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए पाठ्यक्रम में शामिल है.

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