दोनों छात्राओं के कपड़े खोज रहे सीबीआइ के अधिकारी

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 Jan 2020 3:46 AM

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सदर अस्पताल से पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य अभिलेखों की अभिप्रमाणित प्रति मांगी देवघर : डाबरग्राम के समीप हुई डबल मर्डर मिस्ट्री में सीबीआइ पटना की विशेष टीम अब दोनों छात्राओं के कपड़े को खोज रही है. इसके लिये सदर अस्पताल उपाधीक्षक को सीबीआइ पटना के विशेष टीम के आइओ ने पत्र लिखकर जानकारी मांगी है. […]

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सदर अस्पताल से पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य अभिलेखों की अभिप्रमाणित प्रति मांगी

देवघर : डाबरग्राम के समीप हुई डबल मर्डर मिस्ट्री में सीबीआइ पटना की विशेष टीम अब दोनों छात्राओं के कपड़े को खोज रही है. इसके लिये सदर अस्पताल उपाधीक्षक को सीबीआइ पटना के विशेष टीम के आइओ ने पत्र लिखकर जानकारी मांगी है. सदर अस्पताल उपाधीक्षक ने कांड के आइओ सीबीआइ इंस्पेक्टर को जबावी पत्र भी दे दिया है.
अस्पताल उपाधीक्षक ने पत्र में लिखा है कि दोनों मृतका के शव का पोस्टमार्टम बोर्ड के डॉक्टर सुरेश प्रसाद सिन्हा, डॉक्टर रंजन सिन्हा व डॉक्टर बीरेंद्र प्रसाद सिंह ने 28 मई 2013 को किया था. पोस्टमार्टम पश्चात छात्राओं के कपड़ों को उस वक्त मौजूद पुलिस को सुपुर्द किया गया था, जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी जिक्र किया गया है.
साक्ष्य स्वरूप पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य अभिलेखों की अभिप्रमाणित छायाप्रति आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की जा रही है. डाबरग्राम पुलिस लाइन के समीप हुई डबल मर्डर मिस्ट्री की जांच के लिये आइओ जुलाई 2019 में ही बदल दिये गये थे. पहले मामले की जांच का जिम्मा इंस्पेक्टर नीलमश्री के हाथों था, जो अब नये इंस्पेक्टर सुरेंद्र देवावत को सौंपा गया है. इंस्पेक्टर सुरेंद्र छह माह से कई बार देवघर आते-जाते रहे. यहां कैंप कर उन्होंने घटनास्थल के इर्द-गिर्द पहुंच कर जांच-पड़ताल की है.
दोनों मृतका के पिता सहित परिजनों, रिश्तेदारों व इस कांड से जुड़े दर्जनों लोगों से पूछताछ भी की. आसपास के आम लोगों से भी उन्होंने घटना की जानकारी ली. बावजूद डबल मर्डर मिस्ट्री में सीबीआइ के नये आइओ को कोई खास सुराग हाथ नहीं लग सका. अब इंस्पेक्टर सुरेंद्र फिर आठ जनवरी से सर्किट हाउस में कैंप कर रहे हैं. उन्होंने अपना मोबाइल नंबर 8690595482 भी पिछले दिनों सार्वजनिक किया था ताकि कोई इस मामले में उन्हें सुराग दे सकें. सुराग देने वाले का नाम पूरी तरह गोपनीय रखी जायेगी और सुराग देने वाले को सीबीआइ द्वारा घोषित 10 लाख रुपये का इनाम भी दिलाया जायेगा.
पुलिस लाइन के समीप मुहल्ले से दोनों सहेलियां 26 मई 2013 को एक साथ गायब हुई थी. दूसरे दिन 27 मई की शाम में पुलिस लाइन के तालाब से दोनों की लाश मिली थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों के रेप व हत्या की पुष्टि हुई थी. इस मामले को लेकर सड़क से संसद तक हंगामा हुआ था. मामले में कांड के आइओ सह जसीडीह के इंस्पेक्टर निलंबित भी हुए थे.
वहीं उस वक्त के डीआइजी, एसपी व एसडीपीओ का तबादला भी हुआ था. मामले की जांच में राज्यपाल के दो सलाहकार समेत डीजीपी व अन्य कई बड़े अधिकारी भी देवघर पहुंचे थे. दो एडीजीपी समेत दो आइजी समेत कई अधिकारियों ने देवघर में कैंप किया था. बावजूद कोई ठोस नतीजा नहीं निकला था तो कांड को सीआइडी में ट्रांसफर कर दिया गया था. परिजनों ने हाइकोर्ट में रिट दायर किया था. इसके बाद ही मामला 2014 में सीबीआइ जांच में गया.
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