इंजेक्शन देने के बाद बच्चे की मौत

Updated at : 16 Jun 2019 3:34 AM (IST)
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इंजेक्शन देने के बाद बच्चे की मौत

बैद्यनाथपुर चौक स्थित एक मेडिकल वाले ने दिया था इंजेक्शन जाम में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे भी फंसे, आश्वासन देकर निकले जाम की सूचना पर नगर, कुंडा व रिखिया पुलिस पहुंची, एक घंटे बाद आक्रोशित लोगों को समझाकर जाम हटवाया मृत बच्चे के घर पहुंचकर कुंडा पुलिस ने शुरू की कार्रवाई की प्रक्रिया […]

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बैद्यनाथपुर चौक स्थित एक मेडिकल वाले ने दिया था इंजेक्शन

जाम में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे भी फंसे, आश्वासन देकर निकले
जाम की सूचना पर नगर, कुंडा व रिखिया पुलिस पहुंची, एक घंटे बाद आक्रोशित लोगों को समझाकर जाम हटवाया
मृत बच्चे के घर पहुंचकर कुंडा पुलिस ने शुरू की कार्रवाई की प्रक्रिया
आक्रोशित लोगों ने मेडिकल का लाइसेंस रद्द करने व संचालक पर कार्रवाई की मांग की
देवघर : बैजनाथपुर चौक के समीप निवासी मालती देवी के चार साल के पुत्र पवन की अचानक तबीयत बिगड़ी. इसके बाद उसे बड़े पुत्र नीरज की मदद से समीप के महामाया मेडिकल में ले गयी, वहां मौजूद दुकानदार ने इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया. उक्त मेडिकल दुकान से लौटकर मालती बेटे को लेकर घर पहुंची ही थी कि कुछ देर बाद पवन की अत्यधिक तबीयत बिगड़ने लगी.
पुन: उसे लेकर उक्त महामाया मेडिकल पहुंची. जहां, दुकानदार ने प्राइवेट में बच्चे के दो-तीन डॉक्टरों के पास ले जाने को कहा. उसके बताये अनुसार मालती सभी डॉक्टरों के क्लिनिक पर ले कर गयी, लेकिन किसी ने उसके बेटे पवन को भर्ती लेने से इनकार कर दिया. अंत में मालती उसे घुमाकर सदर अस्पताल लायी. वहां भी जवाब दे दिया गया.
इसके बाद मालती मेडिकल वाले के साथ ही बच्चे को लेकर कुंडा के प्राइवेट क्लिनिक ले गयी. वहां बोल दिया गया कि बच्चा नहीं है. ऐसे में मालती व उसके बड़े पुत्र का आरोप है कि मेडिकल वाले द्वारा गलत इलाज करने से ही पवन की मौत हो गयी. मालती को बच्चे के साथ मेडिकल वाले ने घर भेज दिया और अपनी दुकान बंद कर वह फरार हो गया. इसके बाद मालती अपने मृत बच्चे को लेकर चौक पर ही अपने आयरन करने वाली दुकान में लेकर पहुंची और रोने-चिल्लाने लगी.
उसकी क्रंदन सुनकर आसपास के लोग भी दुकान पर पहुंच गये. मामले को सुनने के बाद लोग आक्रोशित होकर महामाया मेडिकल पहुंचे. मेडिकल बंद पाकर आक्रोशित लोगों ने संचालक पर कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया. सड़क जाम रात के करीब 8:30 बजे से शुरू हुआ. इसी बीच केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे उधर से आ रहे थे. लोगों ने मंत्री के काफिले को रोका तो उनके पीए ने पुलिस-प्रशासन को कार्रवाई का निर्देश देने का आश्वासन देकर किसी तरह अपनी पिंड छुड़ाया और निकल गये.
बाद में जाम की सूचना पर कुंडा थाना प्रभारी एके टोपनो सहित एएसआइ अरविंद कुमार, नगर थाने के एएसआइ पीएन पाल व रिखिया थाने के एएसआइ पुलिस बलों के साथ पहुंचे. लोगों को कार्रवाई का भरोसा दिया, फिर मेडिकल वाले को खोजने उसके घर पहुंचे. नहीं मिलने के बाद वे लोग पुन: मृतक के घर आये और कार्रवाई की प्रक्रिया की. इस दौरान करीब एक घंटे तक देवघर-दुमका मुख्य पथ पर जाम रहा.
लोग मेडिकल का लाइसेंस रद्द करने व उसके संचालक के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर जेल भेजने की मांग कर रहे थे. मालती के पति नहीं हैं. उसकी चार पुत्री के अलावे बड़ा पुत्र सहारा है. इस दौरान ड्रग इंस्पेक्टर प्रणव प्रभात ने पूछे जाने पर बताया कि बिना डॉक्टर के मेडिकल संचालक को इलाज करने व इंजेक्शन लगाने का अधिकार नहीं है. अगर घटना सही है तो कार्रवाई की जायेगी.
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