मारगोमुंडा: रामपुर गांव ड्राइजोन नदी के पानी से प्यास बुझा रहे लोग
Updated at : 29 Apr 2019 8:12 AM (IST)
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मारगोमुंडा : पानी की तंगी से जूझ रहे जयंती नदी के किनारे रहने वाले प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत रामपुर गांव के ग्रामीणों ने सूख चुकी नदी से पानी निकालने का अनूठा तरीका खोज निकाला है. नदी की रेत पर चुआंड़ी खोदकर पानी निकाला जा रहा है. जिसे गांव के ग्रामीण आज भी पानी पीने को मजबूर […]
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मारगोमुंडा : पानी की तंगी से जूझ रहे जयंती नदी के किनारे रहने वाले प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत रामपुर गांव के ग्रामीणों ने सूख चुकी नदी से पानी निकालने का अनूठा तरीका खोज निकाला है. नदी की रेत पर चुआंड़ी खोदकर पानी निकाला जा रहा है. जिसे गांव के ग्रामीण आज भी पानी पीने को मजबूर है.
भीषण गर्मी में पानी की घोर किल्लत से जूझ रही गांव की महिलाएं नदी में चुआं खोद कर पीने के लिए पानी ले जाती है. यूं तो इस गांव की आबादी करीब दो हजार है. लेकिन रामपुर गांव ऊंचाई में बसा होने के कारण गांव में पानी आसानी से नहीं निकलता है.
पूरा गांव ड्राइजोन हो गया है. दर्जनभर से अधिक चापानल गांव में लगाये गये हैं. लेकिन अधिकांश चापानल खराब रहने से गांव के छोटे-छोटे बच्चे व महिलाएं जयंती नदी में चुआंड़ी खोद कर पानी निकालती है और उपयोग करती हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि नदी का पानी पीने से गांव में अक्सर डायरिया फैल जाता है. जिसका भय हमेशा बना रहता है. लेकिन पानी की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण मजबूरन नदी का पानी पीने को विवश है. ग्रामीणों ने अविलंब चापानल मरम्मत कराने की मांग की है.
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