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देवघर : संप्रेक्षण गृह में कुछ भी ठीक नहीं, बच्चियों को मिलता है अधपका खाना, दाल नदारद

Updated at : 19 Dec 2018 8:23 AM (IST)
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देवघर :  संप्रेक्षण गृह में कुछ भी ठीक नहीं, बच्चियों को मिलता है अधपका खाना, दाल नदारद

देवघर : झारखंड बाल अधिकार एवं सुरक्षा आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर मंगलवार की रात करीब नौ बजे देवघर संप्रेक्षण गृह सह ऑब्जर्वेशन होम के औचक निरीक्षण में पहुंची. अंदर की कुव्यवस्था देख उन्होंने नाराजगी जाहिर की. निरीक्षण कर बाहर निकली तो प्रभात खबर को खास बातचीत में कहा : संप्रेक्षण गृह में 56 बच्चियां […]

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देवघर : झारखंड बाल अधिकार एवं सुरक्षा आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर मंगलवार की रात करीब नौ बजे देवघर संप्रेक्षण गृह सह ऑब्जर्वेशन होम के औचक निरीक्षण में पहुंची. अंदर की कुव्यवस्था देख उन्होंने नाराजगी जाहिर की.
निरीक्षण कर बाहर निकली तो प्रभात खबर को खास बातचीत में कहा : संप्रेक्षण गृह में 56 बच्चियां हैं, जिसमें छह मानसिक बीमार व तीन बच्चे भी शामिल हैं. जब निरीक्षण के लिए अंदर प्रवेश कर रही थी, तो वहां रहनेवाली बच्ची ने गेट खोला और दौड़कर चिल्लाते हुए अंदर चली गयी. अन्य बच्चियों को जगायी.
इससे संदेह होता है कि बच्चियों के साथ व्यवहार ठीक नहीं होता है. निरीक्षण में अंदर पहुंची, तो बच्चियों की थाली में दो किस्म का भोजन नजर आया. किसी की थाली में छोटी रोटी, जली रोटी, किसी में सब्जी तो किसी को भुजिया वह भी अधपका, किसी की थाली में आधा कच्चा-आधा पका चावल देखी. दाल नहीं था.
मानसिक रूप से बीमार बच्चियों के हालत खराब
मानसिक बीमार बच्चियों के कमरे में गंदगी थी. एक मानसिक बीमार बच्ची जमीन पर बैठी हुई थी. कमरे में गंदगी व शौच थे. उसी बदबूदार हालत में बगल में बैठकर मानसिक बीमार बच्चियां भोजन कर रही थी. मानसिक बीमार बच्चियों को विशेष केयर करना चाहिए. सुरक्षा प्रहरी को उन पर खास ध्यान देने की जरुरत है.
काफी गंदा था. पेयजल व्यवस्था ठीक नहीं दिखी. मच्छरदानी नहीं थी. वाशिंग मशीन खराब पड़ा था. फ्रीज भी चालू हालत में नहीं थी. अध्यक्ष ने बताया कि स्टोर में भी गंदगी दिखी. सेनेट्री-नेपकीन, जो डिस्पोज होना चाहिये, वह भी जहां-तहां फेंका हुआ था.
गृहपति के पास जो सामान रहना चाहिए, वह एक बच्ची के कमरे में काफी मात्रा में स्टॉक रखा हुआ था. होम के अंदर सिलाई सामग्री, कैंची, शीशा पड़ा था, जो अंदर नहीं रहना चाहिये. इन सामानों से बच्ची कुछ भी खतरनाक कदम उठा सकती हैं, ऐसे में जिम्मेवार कौन होंगे. ऑब्जर्वेशन व चिल्ड्रेन होम एक साथ नहीं होना चाहिए.
संप्रेक्षण गृह में दो सुरक्षा प्रहरी लक्ष्मी व गौरी की ड्यूटी थी. गौरी सात बजे शाम के बाद से ही गायब थी. निरीक्षण कर रात 10:40 बजे जब अध्यक्ष निकल रही थी, तब गौरी वहां प्रवेश कर रही थी, वो भी बिना ड्रेस की. गौरी को देखते ही अध्यक्ष बिगड़ने लगी और डांटते हुए कहा कि जब मर्जी तब ड्यूटी पर आती हैं.
ऐसे में उन्हें ड्यूटी से अनुपस्थित करार देते हुए गार्ड को इंट्री रजिस्टर देने से मना कर दी. उन्होंने बताया कि इन मामलों को लेकर वह डीसी सहित विभाग को रिपोर्ट करेगी. मौके पर जिला बाल कल्याण समिति देवघर के कई सदस्य भी मौजूद थे.
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