10 दिनों के बाद भी हाथ नहीं आया है मुख्य आरोपित, दिनेश मुनि के पीछे पांच जिले की पुलिस
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :22 Oct 2018 8:27 AM (IST)
विज्ञापन

नवगछिया : बिहपुर थाना क्षेत्र के दुधैला गांव में 10 दिन पहले दारोगा आशीष कुमार सिंह की हत्या करने के मामले में मुख्य आरोपित दिनेश मुनि व अशोक मंडल अभी तक पुलिस के हाथ नहीं आये हैं. पांच जिले की दोनों के पीछे है, लेकिन पुलिस के पास उपलब्धि के रूप में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एक […]
विज्ञापन
नवगछिया : बिहपुर थाना क्षेत्र के दुधैला गांव में 10 दिन पहले दारोगा आशीष कुमार सिंह की हत्या करने के मामले में मुख्य आरोपित दिनेश मुनि व अशोक मंडल अभी तक पुलिस के हाथ नहीं आये हैं. पांच जिले की दोनों के पीछे है, लेकिन पुलिस के पास उपलब्धि के रूप में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एक एफआइआर कॉपी, लाश का पंचनामा, विभिन्न स्टेशनों की डायरी में छापेमारी के अभिलेख के अलावा कुछ नहीं है.
भागलपुर, नवगछिया, खगड़िया, मधेपुरा और मुंगेर जिले के सीमांत क्षेत्रों के विभिन्न थानों के पुलिसकर्मियों को दारोगा हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी में लगाया गया है.
विभिन्न गांवों में पुलिस दोनों आरोपितों के सगे संबंधियों जानकारी ले रही है. एसआइटी का भी गठन कर दिया गया है और अलग-अलग टुकड़ों को विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी के लिए सक्रिय किया गया है. बिहपुर के थानाध्यक्ष सुचित कुमार भी दियारा इलाके में लगातार छापेमारी कर रहे हैं. रविवार की देर रात पुलिस ने पसराहा, सुल्तानगंज, नारायणपुर के गंगा कोसी क्षेत्र में छापेमारी की. बिहपुर के सर्किल इंस्पेक्टर और कांड के अनुसंधान अक संजय कुमार सुधांशु ने बताया कि अपराधियों की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है.
दिनेश मुनि को है सफेदपोशों का संरक्षण : मिथिलेश यादव की हत्या के बाद गंगा दियारा में दिनेश मुनि ने अपने गिरोह को सांगठित किया
बात सामने आयी है कि नारायणपुर के कई सफेदपोशों के संरक्षण में वह गिरोह चलाता था. किसानों की जमीन पर अवैध कब्जा, बंदूक के बल पर गंगा में मछलियों की शिकारमही करना, और दोनों जरायम धंधे में जब मंदी आ जाए तो सड़क की ओर रुख कर लूट करना इस गिरोह का मुख्य पेशा था.
गांव के कुछ लोगों से दिनेश को मिलती है हर गतिविधि की सूचना : दो वर्षों से दिनेश मुनि गंगा किनारे रोज 30 से 50 लोगों का खाना बनवाता था. यहां पर खाना खाने वाले लोग दिनेश मुनि गिरोह के सदस्य थे. दिनेश मुनि के कई शागिर्द गांव के लोग थे. गांव में कौन प्रवेश कर रहा है या फिर गांव की क्या गतिविधि है, कौन कहां क्या बोल रहा है यह सब दिनेश मुनि को मालूम रहता था. यही कारण था कि पसराहा पुलिस जब छापेमारी में पहुंची तो दिनेश मुनि को पहले से इसकी सूचना थी और वह पूरी तरह से अलर्ट था.
जानकारी मिली है कि पसराहा थाना क्षेत्र के तिहाय निवासी कुख्यात दिनेश मुनि का पैतृक गांव मधेपुरा जिले के फुलौत थाना क्षेत्र की चिरौरी पंचायत के तिनमुंही गांव है. उसका पिता दुकानदारी करता है. 15 साल पहले इसकी शादी हुई थी. तब से यह अपनी ससुराल में तिहाय में ही रहने लगा. लेकिन फुलौत दियारा के खोपड़िया बासा इसका मुख्य ठिकाना बताया जा रहा है. इस गिरोह को गंगा दियारा के आसपास रहने वाले लोग कुटुम गिरोह के नाम से भी जानते हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










