देवघर : स्वावलंबी बनें, तभी होगी गो-वंश की रक्षा

Updated at : 07 Oct 2018 10:08 AM (IST)
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देवघर : स्वावलंबी बनें, तभी होगी गो-वंश की रक्षा

देवघर : विश्व हिंदू परिषद के तत्वावधान में भारतीय गो-वंश रक्षण संवर्धन परिषद के सौजन्य से कास्टर टाउन के महिला विकास मंडल में दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन शुरू हुआ. इसका उद्घाटन मुख्य अतिथि विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री खेमचंद्र ने गो पूजन सेकिया. उन्होंने गो-वंश के रक्षण व संवर्धन के लिए आवश्यक तत्वों पर […]

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देवघर : विश्व हिंदू परिषद के तत्वावधान में भारतीय गो-वंश रक्षण संवर्धन परिषद के सौजन्य से कास्टर टाउन के महिला विकास मंडल में दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन शुरू हुआ. इसका उद्घाटन मुख्य अतिथि विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री खेमचंद्र ने गो पूजन सेकिया. उन्होंने गो-वंश के रक्षण व संवर्धन के लिए आवश्यक तत्वों पर प्रकाश डाला. संगठन के विस्तार पर भी चर्चा की. इसमें उत्तर बिहार, दक्षिण बिहार व झारखंड प्रदेश के जिला गो-रक्षा प्रमुख, सीनियर कार्यकर्ता, परिषद के अधिवक्ता, किसान, गोशाला प्रतिनिधि, महिला आदि सैकड़ों की संख्या में जुटे.
इस अवसर पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री विहिप केशव राजू, क्षेत्र मंत्री विहिप वीरेंद्र विमल, त्रिलोकी नाथ बागी क्षेत्र गोरक्षा प्रमुख, विभाग प्रमुख विक्रम सिंह, प्रदेश मंत्री धनेश्वर मुंडा, प्रदेश उपाध्यक्ष उमा शंकर सिंह, परमेश्वर पांडेय, अवधेश शर्मा, राम नरेश सिंह, अनिता शुक्ला, अवतार सिंह परमार, पन्ना सिंह, संजय देव, राजीव पांडेय, कुंदन कुमार, असर्फी दास अादि बतौर अतिथि मौजूद थे. सम्मेलन को सफल बनाने में कमलेश तुलस्यान, विकास दत्ता, सूरज राज, सुमन सिंह, नरेंद्र झा, अजय कुमार सिन्हा, अशोक सिन्हा, चंद्रशेखर खवाड़े, सौरभ झा, संजय देव, सूरज कसेरा, राकेश कुमार, पंकज कुमार, राज कुमार सिंह, हरि मोहन झा, मनोज सिंह, धनंजय तिवारी, धीरेंद्र सिंह, रवींद्र सिंह, मुरारी सिंह, संजय कुमार देव, रवि कुमार, शंभू नाथ आदि जुटे हुए हैं.
गो-पालकों को स्वावलंबी बनना होगा : खेमचंद
मुख्य अतिथि विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री खेमचंद्र ने कहा कि गो-पालकों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनना होगा, तभी गाेवंश की रक्षा हो सकती है. वर्तमान में गाय के बूढ़ी होने पर किसान बोझ समझने लगते हैं.
इसका फायदा कसाई उठा लेता है. गाय को बोझ नहीं समझे. वहीं पकड़े गये गोवंश को रखने की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए. गोशाला का निर्माण हो, साधन का विकास होना चाहिए. गो अभ्यारण बनाना चाहिए. गोचर भूमि को अवैध कब्जा से मुक्त कराना चाहिए. नयी पीढ़ी को गोवंश की महत्ता से अवगत कराना चाहिए. गो-विज्ञान परीक्षा का आयोजन किया जाय.
देवघर : स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि सरकारी प्राइमरी व मिडिल स्कूलों के शिक्षक बॉयोमीट्रिक से ही हाजिरी बनायें. बॉयोमीट्रिक से हाजिरी नहीं बनाने वाले शिक्षकों का वेतन भुगतान नहीं होगा, लेकिन देवघर के विभिन्न प्रखंडों में नेटवर्क की परेशानी की वजह से शिक्षकों को हर दिन बॉयाेमीट्रिक से हाजिरी बनाने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ता है. जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में जिले के सरकारी स्कूलों में करीब दो हजार नियमित शिक्षक कार्यरत हैं. करीब एक हजार नियमित शिक्षक ही बॉयाेमीट्रिक से हाजिरी बना पा रहे हैं.
स्कूलों के प्रधानाध्यापकों व प्रभारियों के अलावा शिक्षकों द्वारा बार-बार शिकायत की जा रही है कि बॉयोमीट्रिक से हाजिरी बनाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. कभी-कभी शिक्षकों को स्कूलों के छतों, पेड़ों की टहनियों, स्कूल से दूर मैदान में जाने पर बॉयाेमीट्रिक में नेटवर्क मिलता है. फिर वे अपना हाजिरी बना पाते हैं. इस बारे मेें जिला शिक्षा अधीक्षक वीणा कुमारी ने कहा कि नेटवर्क नहीं है तो क्या कर सकती हूं.
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