देवघर : श्रावणी मेले में बाबाधाम आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए शिव लोक दर्शन की व्यवस्था की गयी है. इसके तहत प्रशासन की ओर से मदरसा मैदान में चार धाम सहित 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए प्रतिकृति तैयार की गयी है. सरकारी प्रोजेक्ट के अनुसार इसमें 30 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किये गये हैं.
बावजूद शिवलोक कांवरियों व पर्यटकों को आकर्षित नहीं कर पा रहा है. मेले के चार दिनों के आंकड़ों पर गौर करें तो शिव लोक दर्शन के लिए करीब दो हजार लोगों की भीड़ जुटी है. इसमें स्थानीय लोगों की संख्या ज्यादा थी. वहीं दूसरी ओर हजारों की संख्या में शिवभक्त पर्यटक स्थल नंदन पहाड़, त्रिकुट पहाड़, तपोवन आदि का सैर करते नजर आये. पर्यटन स्थल का मनोहारी दृश्य बरबस ही शिवभक्तों को अपनी ओर खींच रहा है.
शिव लोक दर्शन में भक्तों की भीड़ नहीं होने की फिक्र प्रशासन को नहीं है. यही वजह है कि इसका प्रचार-प्रसार ठीक ढंग से नहीं हो पा रहा है. शिव लोक दर्शन को मूर्त रूप देने के लिए कॉर्निक संस्था को इस काम के लिए ठेका दिया गया है. संस्था की ओर से 12 ज्योतिर्लिंग और चार धाम को एक छत के नीचे उतारने का पूरा प्रयास भी किया गया है. बताते चलें कि मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा इसका उद्घाटन मेले के पहले दिन किया गया था.
पंडाल में हर शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम की व्यवस्था
शिव लोक दर्शन स्थल पर तैयार मंच पर हर शाम में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. इसमें स्थानीय लोगों की सहभागिता भले की मदरसा मैदान को गुलजार कर रहा है, लेकिन कांवरिये व पर्यटक काफी कम दिख रहे हैं.
तीन दर्जन कर्मी, आधा दर्जन सुरक्षा गार्ड
शिव लोक दर्शन के लिए तीन शिफ्ट में तीन दर्जन कर्मी ड्यूटी पर लगाये हैं. करीब आधा दर्जन सुरक्षा गार्ड को भी यहां की सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगाया गया है. कर्मियों व सुरक्षा गार्ड के मानदेय पर भी लाखों रुपये खर्च किया जायेगा.
