श्रावणी मेला होगा चाइल्ड फ्रैंडली-बिछड़े बच्चों को घर तक पहुंचायेगा रिस्ट बैंड

Updated at : 22 Jul 2018 8:55 AM (IST)
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श्रावणी मेला होगा चाइल्ड फ्रैंडली-बिछड़े बच्चों को घर तक पहुंचायेगा रिस्ट बैंड

देवघर : झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की दो सदस्यीय टीम शनिवार को देवघर पहुंची. इस टीम में रवींद्र कुमार गुप्ता उर्फ बबन गुप्ता व भूपेन साहू शामिल थे. सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए बबन गुप्ता ने बताया कि आयोग के चेयरमैन के निर्देशानुसार हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह सहित देवघर में […]

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देवघर : झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की दो सदस्यीय टीम शनिवार को देवघर पहुंची. इस टीम में रवींद्र कुमार गुप्ता उर्फ बबन गुप्ता व भूपेन साहू शामिल थे. सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए बबन गुप्ता ने बताया कि आयोग के चेयरमैन के निर्देशानुसार हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह सहित देवघर में चल रहे चिल्ड्रेन होम व रिमांड होम की जांच की जा रही है. 15 अगस्त तक रिपोर्ट सौंपनी है. उन्होंने कहा कि श्रावणी मेले को चाइल्ड फ्रैंडली मेला बनाया जायेेगा.

जगह-जगह 1098 हेल्पलाइन नंबर से संबंधित होर्डिंग लगाने के साथ मेले में आने वाले बच्चे अपने माता-पिता व अभिभावक से नहीं बिछड़े इसके लिए बच्चों के हाथों पर बैंड लगाया जायेगा. बैंड पर बच्चों के पिता के नाम के साथ उनका मोबाइल नंबर उल्लेख किया जायेगा, ताकि बच्चाें के मेला में खो जाने की स्थिति में उनके माता-पिता से संपर्क कर आसानी से उन तक पहुंचाया जा सके. श्रावणी मेले में खोये हुए बच्चों को रखने के लिए आरमित्रा प्लस टू स्कूल में शिविर लगाने पर विचार किया जा रहा है.

चिल्ड्रेन होम रिमांड होम की स्थिति संतोषजनक नहीं : टीम ने स्वयं सेवी संस्था ईरा के तहत संचालित चिल्ड्रेन होम एवं रिमांड होम का जायजा लिया. सदस्य बबन गुप्ता ने बताया कि चिल्ड्रेन होम की हालत संतोषजनक नहीं है. यहां सुप्रीटेंडेंट के अलावा पर्याप्त संख्या में कर्मी नहीं हैं. चिल्ड्रेन होम में पर्याप्त शिशु बिस्तर नहीं है. नतीजा बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अगले 10 दिनों में कर्मियों की नियुक्ति के साथ शिशु बिस्तर एवं अन्य संसाधन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.

कस्तूरबा विद्यालय की समस्याओं को जल्द किया जायेगा दूर : उन्होंने बताया कि कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में लेखापाल पुरुष नहीं हो, इस पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया जा रहा है. जहां कहीं भी पुरुष लेखापाल के रूप में काम कर रहे हैं उनकी ड्यूटी विद्यालय के अंदर नहीं लगे. साथ ही नियमित समय पर ट्रांसफर भी किया जायेगा. विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका को प्रति क्लास के आधार पर मानदेय का भुगतान सुनिश्चित कराने पर जल्द ही विचार किया जायेगा. इस अवसर पर सीडब्ल्यूसी के मेंबर कौशल कुमार, देवेंद्र पांडेय, आशुतोष झा, चेयरपर्सन ललित कुमार सिन्हा, जिला बाल संरक्षण की प्रभारी मीरा कुमारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सुमन सिंह एवं जिला जेंडर समन्वयक आभा कुमारी मंडल आदि उपस्थित थे.
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