शहर में सुरक्षा की तीसरी आंख बंद

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कैसे होगी निगरानी. एक माह से बंद हैं सीसीटीवी, पुलिस गंभीर नहीं सिर्फ समाहरणालय गेट व कोर्ट कैंपस का ही कैमरा है चालू क्राइम कंट्रोल के लिए शहर में लगे हैं 48 सीसीटीवी सीसीटीवी से ही हुआ था कुंडा क्षेत्र में राजकुमार हत्याकांड का खुलासा देवघर : अपराध नियंत्रण के लिए शहर में लगाये गये […]

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कैसे होगी निगरानी. एक माह से बंद हैं सीसीटीवी, पुलिस गंभीर नहीं

सिर्फ समाहरणालय गेट व कोर्ट कैंपस का ही कैमरा है चालू
क्राइम कंट्रोल के लिए शहर में लगे हैं 48 सीसीटीवी
सीसीटीवी से ही हुआ था कुंडा क्षेत्र में राजकुमार हत्याकांड का खुलासा
देवघर : अपराध नियंत्रण के लिए शहर में लगाये गये सीसीटीवी कैमरे करीब एक माह से बंद पड़े हैं. सिर्फ समाहरणालय गेट व कोर्ट कैंपस की निगरानी के लिए लगाया गया गया सीसीटीवी कैमरा ही चालू है.
शहर के अन्य इलाके में लगाये गये सभी सीसीटीवी कैमरे बंद हैं. जानकारी के मुताबिक, अपराध नियंत्रण के लिए शहर में 48 सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं, लेकिन अपना ऑप्टिकल व सेटेलाइट नहीं खरीदा गया था. ऐसे में लोकल केबुल संचालकों के ऑप्टिकल व सेटेलाइट के सहयोग से सीसीटीवी कैमरे का संचालन हो रहा है. सावन व भादो मेला में सभी सीसीटीवी कैमरे अच्छे तरीके से काम कर रहे थे. सावन के बाद बहुत दिनों तक सीसीटीवी कैमरा अच्छे से चला, लेकिन अचानक सभी बंद हो गये. इसके बावजूद इसे पुलिस प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया. सीसीटीवी कैमरा चालू रहने से शहर की सुरक्षा में पुलिस को मदद मिलती थी. सीसीटीवी कैमरा की वजह से कुंडा थाना क्षेत्र में राजकुमार हत्याकांड का खुलासा हुआ था.
सब्जी विक्रेता की मौत मामले में सीसीटीवी खंगालने की बात : दुर्घटना में बैद्यनाथपुर चौक के समीप सब्जी विक्रेता की मौत के बाद लोगों ने सीसीटीवी खंगालने की मांग पुलिस से की थी, लेकिन बंद रहने के कारण ही पुलिस कोई जवाब नहीं दे सकी थी.
इधर, 23 नवंबर को अज्ञात स्कॉर्पियो से झौसागढ़ी के सूरज के घायल होने के बाद कार्रवाई के लिए उसके परिजनों ने भी सीसीटीवी खंगालने का आग्रह पुलिस से किया था. अगर सीसीटीवी ठीक रहता, तो दोनों घटनाओं की कार्रवाई में पुलिस को मदद मिलती.
पांच जगहों परा कटा है केबल, नहीं हुई मरम्मत
जानकारी के अनुसार, रांगा मोड़ सहित कुंडा मोड़, बैजनाथपुर व डढ़वा पुल के समीप लगे सीसीटीवी कैमरे का केबुल ही कटा हुआ है. इन स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे का केबुल कई माह से कटा हुआ है, लेकिन इसकी मरम्मत के लिए किसी ने प्रयास नहीं किया.
कहते हैं सीसीटीवी के इंजीनियर
सीसीआर में सीसीटीवी संचालित करने के लिए इंजीनियर भी बहाल हैं. पूछने पर इंजीनियर ने अपना नाम तो नहीं बताया, लेकिन कहा कि सर्वर, पावर व सेटेलाइट ऑप्टिकल से सीसीटीवी चलता है. अपना सर्वर तो है, लेकिन सेटेलाइट ऑप्टिकल नहीं है. वहीं कई कैमरों में तो पावर की भी समस्या है. इसके लिए बिजली विभाग को अधिकारिक तरीके से पत्राचार नहीं किया गया है. कभी कहीं सीसीटीवी का केबुल टूटता है, तो मरम्मत करने के लिए बिजली स्टाफ खर्चे भी मांगते हैं.
मेंटेनेंस चार्ज के लिए हो गया है सिग्नल ब्रेक
सूत्रों की मानें, तो ऑप्टिकल व सेटेलाइट के लिए सेवा प्रदाता मेंटेनेंस चार्ज की आस में हैं. मेंटेनेंस चार्ज नहीं मिलने के वजह से सिग्नल ब्रेक हुआ है.
कहते हैं एसपी
सीसीटीवी कैमरे बंद रहने की जानकारी मिली है. पता चला है कि कुछ ऑप्टिकल व सेटेलाइट की कठिनाई है. बहुत जल्द सभी सीसीटीवी कैमरा चालू कराया जायेगा.
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