गोड्डा में सैनिक स्कूल खोलने पर राज्य के अधिकारी गंभीर नहीं, मुद्दई सुस्त, गवाह चुस्त

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देवघर: गोड्डा में सैनिक स्कूल खोले जाने को लेकर रक्षा मंत्रालय की चुस्ती व राज्य सरकार के अधिकारियों की सुस्ती की पोल 15 नवंबर को रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी पत्र से खुल गयी है. रक्षा मंत्रालय के अपर सचिव व वित्तीय सलाहकार संजीव मित्तल ने राज्य की मुख्य सचिव राजबाला वर्मा को एक […]

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देवघर: गोड्डा में सैनिक स्कूल खोले जाने को लेकर रक्षा मंत्रालय की चुस्ती व राज्य सरकार के अधिकारियों की सुस्ती की पोल 15 नवंबर को रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी पत्र से खुल गयी है. रक्षा मंत्रालय के अपर सचिव व वित्तीय सलाहकार संजीव मित्तल ने राज्य की मुख्य सचिव राजबाला वर्मा को एक पत्र लिखा है.

इस पत्र में बताया गया है कि गोड्डा में सैनिक स्कूल स्थापित करने के लिए स्थान का चयन करने के संबंध में तीन पत्र रक्षा मंत्रालय की ओर से भेजे गये हैं. ये पत्र दिनांक 7 अगस्त 2017, 5 सितंबर 2017 और 9 नवंबर 2017 को भेजे गये हैं. इन तीन पत्रों के बाद भी राज्य के माध्यमिक शिक्षा सचिव की ओर से यह नहीं बताया गया है कि गोड्डा में कहां स्कूल खुलेगा. चूंकि राज्य सरकार की ओर से सैनिक स्कूल के लिए स्थान चिह्नित करने का काम ही बाकी रह गया है, तो रक्षा मंत्रालय की ओर से स्थल निरीक्षण का कार्यक्रम ही नहीं तय हो पा रहा है.

व्यक्तिगत तौर पर देखें मामले को : श्री मित्तल ने अपने पत्र में मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा से यह आग्रह किया है कि कृपया वे इस मामले को व्यक्तिगत तौर पर देखें ताकि गोड्डा में सैनिक स्कूल खोलने के काम में तेजी लायी जा सके.
तीन फरवरी 2016 को हुई थी घोषणा :गोड्डा में सैनिक स्कूल खोलने की घोषणा तीन फरवरी 2016 को देवघर में पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने की थी. श्री पर्रिकर वर्तमान में गोवा के मुख्यमंत्री है. तीन फरवरी 2016 को अपने दो दिवसीय देवघर प्रवास में मुख्यमंत्री रघुवर दास सरकार की गांवों के सशक्तीकरण की दिशा में चलाये जा रहे महत्वाकांक्षी अभियान योजना बनाओ के तहत मुख्य अतिथि के तौर पर श्री पर्रिकर शामिल हुए थे.
क्या कहा था पर्रिकर ने
श्री पर्रिकर ने कहा था कि यहां के सांसद निशिकांत ने इस क्षेत्र में गरीबी, बेरोजगारी, पलायन और विस्थापन को ध्यान में रख कर अॉर्डिनेंस फैक्टरी, सैनिक स्कूल, मिलिट्री स्टेशन व डीआरडीओ के एक्सपेंशन की मांग की है. रक्षा मंत्रालय इन सभी मांगों को 2017 तक पूरा कर देगा. कुछ काम 2016 में होंगे़, शेष काम 2017 तक पूरे कर दिये जायेंगे. उन्होंने कहा था कि सूचना दी गयी है कि जमीन यहां उपलब्ध है. रक्षा मंत्रालय की टीम एक माह में यहां आयेगी और जमीन, मिट्टी सहित अन्य जांच की प्रक्रिया पूरी करेगी. रक्षा मंत्री की घोषणा के अनुसार, रक्षा मंत्रालय लगातार पत्राचार कर रहा है, लेकिन राज्य सरकार के संबंधित अधिकारी पत्र का जवाब भी नहीं दे रहे हैं.
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