जिन विभाग के पदाधिकारियों से शो-कॉज पूछा गया है, उसमें नगर निगम के सीइओ, डीएसओ, डीएसइ, डीइओ, डीएसडब्ल्यूओ, देवीपुर बीडीओ, मारगोमुंडा सीओ, देवघर सीओ, सानोरायठाढ़ी बीडीओ, सारठ सीओ, करौं सीओ, विद्युत विभाग के इइ समेत देवघर व मधुपुर पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता के नाम शामिल हैं. डीसी द्वारा भेजे गये शो-कॉज में कहा गया है कि जनसंवाद में दर्ज शिकायतों की समीक्षा प्रत्येक महीने के अंत में मुख्यमंत्री से सीधी बात होती है, प्राय: पदाधिकारियों द्वारा जनसंवाद को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है. ई-मेल, एसएमएस व्हाट्सएप करने के बावजूद निष्पादन रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड नहीं किया जाता है.
संबंधित पदाधिकारी भी जनसंवाद कार्यक्रम में उपस्थित नहीं होते हैं. इससे स्पष्ट होता है कि जनसंवाद शिकायतों को पदाधिकारियों के स्तर से संवेदनशीला से नहीं लिया जाता है. कार्य की लापरवाही की वजह से देवघर जिला जनसंवाद में 20वें स्थान पर पहुंच गया है. डीसी ने 72 घंटे के अंदर शिकायतों का निष्पादन कर स्पष्टीकरण मांगा है.

