स्वच्छ भारत मिशन का सच: 30 फीसदी मुखिया के पास हिसाब नहीं

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देवघर : स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम में जिले के कई मुखिया दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं. ऐसे में जिले को अगस्त 2018 तक ओडीएफ जिला घोषित करने के लक्ष्य को पूरा करने की गति धीमी हो गयी है. जिले के करीब 153 पंचायतों को अोडीएफ बनाने के लिए पंचायत के मुखिया को शौचालय निर्माण प्रति […]

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देवघर : स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम में जिले के कई मुखिया दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं. ऐसे में जिले को अगस्त 2018 तक ओडीएफ जिला घोषित करने के लक्ष्य को पूरा करने की गति धीमी हो गयी है. जिले के करीब 153 पंचायतों को अोडीएफ बनाने के लिए पंचायत के मुखिया को शौचालय निर्माण प्रति यूनिट 12 हजार रुपये की दर से लाखों रुपये खाते में हस्तातंरित कर दिया गया है.

इसके दो माह बाद भी 30 फीसदी (करीब 50) मुखिया ने निर्माण व खर्च से संबंधित ब्योरा प्रशासन तथा पेयजल व स्वच्छता विभाग को नहीं सौंपा है. बतातें चलें कि दूसरे चरण के लिए देवघर प्रमंडल के अंतर्गत 73 पंचायतों को अोडीएफ बनाना है, इसमें देवीपुर के 12, मोहनपुर के 21, सारवां के 14, देवघर के 18 पंचायत आदि शामिल है.

15 दिनों के अंदर जमा नहीं किया, तो कार्रवाई
अोडीएफ के जिला पदाधिकारी सह डीडीसी जन्मजेय ठाकुर ने संबंधित सभी मुखिया से शौचालय निर्माण कार्य के बदले उपयोगिता प्रमाण पत्र मांगे जाने का निर्देश पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता को दिया है. देवघर व मधुपुर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने सभी मुखिया व जल सहियाअों को पत्र जारी कर यथाशीघ्र उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करने का निर्देश दिया है. इसके लिए इन्हें 15 दिनों का समय दिया गया है. समय रहते उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं जमा करने वाले पंचायत के मुखिया का वित्तीय अधिकार समाप्त कर उप मुखिया को सौंपने की बात कही गयी है. निर्देश का पालन करते हुए अब तक 70 फीसदी मुखिया ने उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा किया है, जबकि शेष 30 फीसदी पंचायतों से अब तक नहीं पहुंचा है.
कहते हैं कार्यपालक अभियंता
पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता रजेश रंजन ने कहा कि वरीय अधिकारी के निर्देश के बाद संबंधित मुखिया से उपयोगिता प्रमाण पत्र मांगा गया है. इसके लिए जरूरी निर्देश भी दिये गये हैं. प्रतिनिधियों द्वारा प्रमाण पत्र जमा किया जा रहा है.
पहले फेज में 37 पंचायत हो चुके हैं अोडीएफ
पहले फेज में वर्ष 206-17 के अंतर्गत जिले के 37 पंचायत अोडीएफ घोषित हो चुके हैं. इनमें सोनारायठाढ़ी के 11, देवीपुर के दो, देवघर के एक, मोहनपुर के एक, मारगोमुंडा व पालोजोरी प्रखंड शामिल हैं.
देवघर प्रखंड के 22 में से एक ने दिया प्रमाण पत्र
जिले के 194 पंचायत में से 23 पंचायत देवघर प्रखंड में हैं. इसमें से अंधरीगादर पंचायत वित्तीय वर्ष 2015-16 में अोडीएफ हो चुका है, जबकि शेष 22 पंचायतों में सिर्फ एक चांदडीह पंचायत की मुखिया नूरजहां बेगम ने उपयोगिता प्रमाण पत्र विभाग को सौंपा है.
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